केरल में भीषण गर्मी की चेतावनी; सरकार ने लू से बचाव के निर्देश जारी किए

केरल में भीषण गर्मी की चेतावनी; सरकार ने लू से बचाव के निर्देश जारी किए

केरल में भीषण गर्मी की चेतावनी; सरकार ने लू से बचाव के निर्देश जारी किए
Modified Date: April 14, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: April 14, 2026 7:39 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 14 अप्रैल (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में राज्य में तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचाव के लिए व्यापक जन-परामर्श जारी किया है।

मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि पलक्कड़ में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, कोल्लम में 39 डिग्री और अन्य जिलों में 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

उन्होंने बढ़ते पराबैंगनी (यूवी) सूचकांक के प्रति भी आगाह किया और लोगों से सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच धूप से बचने का आग्रह किया।

केएसडीएमए ने सोशल मीडिया पर जारी अपनी पोस्ट में कहा कि अत्यधिक गर्मी से लू लगना, थकावट और शरीर में पानी की कमी जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

प्राधिकरण ने लोगों को प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीने और सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच धूप से बचने की सलाह दी है।

दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिन के समय शराब, कॉफी, चाय और सोडा युक्त ठंडे पेय से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इनसे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। बाहर निकलते समय ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और छाता, टोपी एवं जूते-चप्पलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

प्राधिकरण ने बाजारों, इमारतों और कचरा संग्रहण केंद्र में आग लगने के खतरों के प्रति भी सचेत किया है और सुरक्षा ऑडिट करने को कहा है।

शिक्षण संस्थानों को पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, दोपहर की तेज धूप को देखते हुए स्कूलों में प्रार्थना सभा जैसी बाहरी गतिविधियों को न कराने या उन्हें स्थगित करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री विजयन ने तापमान के संबंध में फैल रही भ्रामक सूचनाओं के प्रति भी आगाह किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में तापमान 45-55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के दावे निराधार हैं और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा ऐसी कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।

उन्होंने जनता से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने को कहा।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में