यौन उत्पीड़न मामला: दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी की बेटी ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया
यौन उत्पीड़न मामला: दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी की बेटी ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर (भाषा) दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा की बेटी ने मामले में अग्रिम जमानत के लिए बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। खाखा को एक नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
याचिका न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी के समक्ष सुनवाई के लिए आई, जिन्होंने इसे बृहस्पतिवार को बंद कमरे में कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध किया।
खाखा की 19 वर्षीय बेटी ने 22 सितंबर को यहां एक निचली अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, खाखा की बेटी पर अपराध के लिए उकसाने का आरोप है।
निलंबित अधिकारी को पुलिस ने 21 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था और वह न्यायिक हिरासत में है। उसने लड़की के साथ कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया और उसे गर्भवती किया।
खाखा की पत्नी सीमा रानी भी न्यायिक हिरासत में है, उस पर लड़की का गर्भपात कराने के लिए उसे दवा देने का आरोप है।
पुलिस ने कहा था कि खाखा ने नाबालिग लड़की के साथ नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया था। पुलिस ने कहा था कि नाबालिग आरोपी के परिचित व्यक्ति की बेटी है।
पीड़िता द्वारा एक अस्पताल में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराने के बाद दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया है कि पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एफ) और 509 के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा है कि मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 506, 323, 313 और 120बी भी लगाई गई है।
भाषा अमित माधव
माधव

Facebook


