बीएसएफ के क्षेत्राधिकार विस्तार और कृषि कानूनों का पंजाब में कार्यान्वयन नहीं चाहता है शिअद

बीएसएफ के क्षेत्राधिकार विस्तार और कृषि कानूनों का पंजाब में कार्यान्वयन नहीं चाहता है शिअद

बीएसएफ के क्षेत्राधिकार विस्तार और कृषि कानूनों का पंजाब में कार्यान्वयन नहीं चाहता है शिअद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: November 6, 2021 10:45 pm IST

चंडीगढ़, छह नवंबर (भाषा) शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को पंजाब की कांग्रेस सरकार से सीमा सुरक्षा बल के क्षेत्राधिकार के विस्तार संबधी केंद्र सरकार के कदम को राज्य में लागू नहीं करने के लिये शासकीय आदेश जारी करने की मांग की।

विपक्षी दल ने प्रदेश की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार से केंद्र सरकार के तीन ‘‘काले’’ कृषि कानूनों के कार्यान्वयन को रोकने के लिये इसी तरह के शासकीय आदेश जारी करने की मांग की है ।

शिअद की ओर से जारी बयान के अनुसार, पार्टी की कोर कमेटी ने पंजाब सरकार से अपने अधिकारियों को राज्य में केंद्र के इन फैसलों को लागू करने की अनुमति नहीं देने का निर्देश देने के लिए शासकीय आदेश जारी करने की मांग की । पार्टी ने कहा कि यह भारत के संविधान में राज्य सूची के विषयों के तहत आते हैं ।

कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की।

शिअद कोर कमेटी की ओर से पारित एक प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार इन दोनों मुद्दों पर विधानसभा में प्रस्ताव पेश करके पंजाब के लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि तथ्य यह है कि उनकी अपनी सरकार के पास केंद्रीय आदेशों के कार्यान्वयन को रोकने का पूरा अधिकार है। कृषि एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह का राज्य का विषय है ।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘वे एक प्रस्ताव के लिए विधानसभा में क्यों आ रहे हैं? क्या विधानसभा पंजाब सरकार को बीएसएफ के (क्षेत्राधिकार विस्तार) और कृषि कानूनों को रोकने के लिए शासकीय आदेश जारी करने से रोक रही है ।’’

केंद्र सरकार ने हाल ही में सीमा सुरक्षा बल को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी के दायरे तक तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने के लिए अधिकृत करने के लिए बीएसएफ अधिनियम में संशोधन किया था। इस संशोधन से पहले तक बीएसएफ को इन राज्यों में यह अधिकार अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे तक हासिल था।

बीएसएफ के क्षेत्राधिकार को बढाने की अधिसूचना और कृषि कानूनों को खारिज करने के लिये आठ नवंबर को पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

भाषा रंजन दिलीप

दिलीप


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