शिवकुमार ने एसआईआर में सरकारी दखल के आरोप खारिज किए, विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया

शिवकुमार ने एसआईआर में सरकारी दखल के आरोप खारिज किए, विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया

शिवकुमार ने एसआईआर में सरकारी दखल के आरोप खारिज किए, विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया
Modified Date: July 6, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: July 6, 2026 6:55 pm IST

बेंगलुरु, छह जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

शिवकुमार ने कहा कि एसआईआर से जुड़े अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘आरोपों की जांच निर्वाचन आयोग को करने दीजिए।’

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं के उस प्रतिनिधिमंडल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसने आज सुबह कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार को एक औपचारिक शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत में राज्य में मतदाता सूची के चल रहे़ एसआईआर में ‘बड़े पैमाने पर अनियमितताओं’ का आरोप लगाया गया था और मामले की तुरंत जांच कराने तथा सभी गणना प्रपत्रों का घर-घर जाकर अनिवार्य रूप से पुन: सत्यापन करने की मांग की गई थी।

उन्होंने इन कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।

शिवकुमार ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग जिस तरह से एसआईआर कर रहा है, उसे लेकर हमारी (कांग्रेस की) भी अपनी आपत्तियां हैं। हमने इस मामले को अदालत में भी उठाया है। अदालत ने आदेश दिया है और तय समय-सीमा को लेकर भी हम अदालत का रुख कर रहे हैं। लेकिन सभी के मतदान के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से हमारी सरकार राज्य में इस प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर काम कर रही है।’

डी. के. शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी सरकार का कोई भी व्यक्ति एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमने लोगों से अपने मतदान के अधिकार की रक्षा करने की अपील की है, क्योंकि उनका वोट का अधिकार ही उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा कर सकता है। मतदान का अधिकार, जीने का अधिकार है। हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का अवसर दिया है। इसके अलावा विभिन्न समूह और संगठन भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं। अधिकारी निर्वाचन आयोग से मिले निर्देशों के अनुसार ही एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।’

कर्नाटक में 30 जून से शुरू हुई एसआईआर की घर-घर जाकर गणना करने की प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में जागरूकता फैला रही है, इसलिए विपक्ष परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जद (एस) ने निर्वाचन आयोग पर ही अविश्वास जताया है।

उन्होंने कहा, ‘उनकी (भाजपा-जद (एस)) शिकायत पर क्या फैसला लेना है, यह निर्वाचन आयोग पर निर्भर करता है।’

पिछले कुछ दिनों में विपक्षी दलों ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बड़े पैमाने पर नामांकन शिविरों के जरिए अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करने का आरोप लगाया है।

विपक्षी दलों ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लगाए गए गणना संबंधी शिविरों के वीडियो भी जारी किए। उनका दावा है कि बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय इन शिविरों के माध्यम से नामांकन कर रहे हैं। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर अधिकारियों का दुरुपयोग करने और एसआईआर प्रक्रिया को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

भाषा तान्या माधव

माधव


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