श्री जगन्नाथ मंदिर ने लापरवाही और अनुष्ठानों में देरी के लिए सेवक को निलंबित किया

श्री जगन्नाथ मंदिर ने लापरवाही और अनुष्ठानों में देरी के लिए सेवक को निलंबित किया

श्री जगन्नाथ मंदिर ने लापरवाही और अनुष्ठानों में देरी के लिए सेवक को निलंबित किया
Modified Date: March 15, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: March 15, 2026 10:09 pm IST

पुरी, 15 मार्च (भाषा) ओडिशा के श्री जगन्नाथ मंदिर में 28 फरवरी को 12वें शताब्दी समारोह के अनुष्ठान में देरी के मामले में एक सेवायत को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने एक बयान में बताया कि कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा दो अन्य सेवायतों को भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या कदाचार पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निलंबित सेवायत को इस अवधि के दौरान मंदिर में अनुष्ठान करने से भी रोक दिया गया है।

प्रशासन ने कहा कि यदि वह मंदिर में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करने या अन्य सेवायतों को अनुष्ठान करने से रोकने की कोशिश करता है, तो निलंबन अवधि बढ़ाने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसजेटीए ने पहले 28 फरवरी को इस मंदिर में अनुष्ठानों में हुई देरी के मामले में संबंधित सेवायतों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन पर मंदिर अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप था।

अनुष्ठानों के संचालन और श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद उपलब्ध होने में 28 फरवरी को लगभग चार घंटे की देरी हुई थी। सेवायतों द्वारा दिए गए जवाब की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।

ये तीनों सेवायत पारंपरिक रूप से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को फूलों और वस्त्रों से सजाने में पुजारियों की सहायता करते हैं।

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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