सिक्किम: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने 51वें स्थापना दिवस पर जनता को शुभकामनाएं दीं

सिक्किम: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने 51वें स्थापना दिवस पर जनता को शुभकामनाएं दीं

सिक्किम: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने 51वें स्थापना दिवस पर जनता को शुभकामनाएं दीं
Modified Date: May 16, 2026 / 10:58 am IST
Published Date: May 16, 2026 10:58 am IST

गंगटोक, 16 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सिक्किम के 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की जनता को बधाई दी और कहा कि भारत के विकास में राज्य के योगदान को केंद्र सरकार अत्यंत महत्व देती है।

मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को लिखे पत्र में सिक्किम के पर्यटन, आर्थिक विकास के लिए समर्थन और सहयोग देने का वादा किया।

सिक्किम 1975 में भारत का 22वां राज्य बना था।

तमांग ने 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर जनता को बधाई दी और कहा कि सिक्किम सतत विकास और सामाजिक सद्भाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से देश को प्रेरित करता रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर को ‘पवित्र व आनंदमय’ बताया और कहा कि इस वर्ष सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना समारोह के समापन के कारण इसका विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिक्किम की पिछले पांच दशकों की उल्लेखनीय यात्रा पर गर्व से नजर डालने का अवसर प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “राज्य स्थापना दिवस पर मेरे सभी बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई। भारत के विकास में सिक्किम का योगदान अमूल्य है। राज्य की जनता के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं।”

मोदी ने राज्य की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए पत्र में लिखा कि सिक्किम ने अपनी निरंतर प्रगति, जीवंत सांस्कृतिक भावना, पर्यावरण संबंधी बुद्धिमत्ता और प्रेरणादायक सामाजिक सद्भाव के माध्यम से लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है।

प्रधानमंत्री ने स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान राज्य की अपनी हालिया यात्रा को याद करते हुए कहा कि सिक्किम के लोगों द्वारा दिखाए गए स्नेह और प्रेम से वह अत्यंत प्रभावित हुए।

उन्होंने गंगटोक में भव्य रोड शो और सिक्किम की महिलाओं व युवाओं के साथ हुई बातचीत को स्नेहपूर्वक याद किया और कहा कि उनके आशीर्वाद व ऊर्जा ने उन पर अमिट छाप छोड़ी है।

मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य में खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रयास जारी रखेगी ताकि युवा खिलाड़ियों को अधिक सहयोग मिल सके।

प्रधानमंत्री ने सिक्किम में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को रेखांकित किया, जिनमें जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना, स्वास्थ्य सेवा पहल और सड़क संपर्क शामिल हैं।

उन्होंने ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष सिक्किम के विकास में एक महत्वपूर्ण अध्याय होंगे क्योंकि राज्य भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के साथ-साथ राज्य के रूप में 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने जनता की आकांक्षाओं पर आधारित दीर्घकालिक विकास योजना का आह्वान किया और केंद्र की ओर से निरंतर समर्थन व सहयोग का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सिक्किम के गौरवशाली अध्याय अभी लिखे जाने बाकी हैं और उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए निरंतर समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की।

तमांग ने कामना की कि यह अवसर राज्य के लोगों में एकता और प्रगति की भावना को और मजबूत करे।

तमांग ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, “अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य, जीवंत परंपराओं और कंचनजंगा पर्वत की भव्य मौजूदगी से समृद्ध सिक्किम सतत विकास, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक सद्भाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से देश को प्रेरित करता रहा है।”

उन्होंने कहा कि सिक्किम के भारत में विलय के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित वर्ष भर आयोजित होने वाले समारोहों ने राज्य की ‘शांति, लोकतंत्र, सांस्कृतिक गौरव और प्रगतिशील विकास की उल्लेखनीय यात्रा’ को प्रतिबिंबित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति ने समापन समारोह को अपार गौरव और महत्व प्रदान किया।

उन्होंने कहा, “आइए, इस अवसर पर हम राष्ट्र और राज्य के व्यापक हित में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा मितव्ययिता उपायों के आह्वान का समर्थन करते हुए अनुशासन, एकता और जिम्मेदारी की भावना के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराएं।”

तमांग ने कहा, “सिक्किम के लोगों के लिए आने वाले वर्षों में निरंतर शांति, समृद्धि, खुशहाली और अधिक सफलता की कामना करता हूं।”

भाषा जितेंद्र खारी

खारी


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