एसआईआर: निर्वाचन आयोग बंगाल के प्रवासी कामगारों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा देगा

एसआईआर: निर्वाचन आयोग बंगाल के प्रवासी कामगारों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा देगा

एसआईआर: निर्वाचन आयोग बंगाल के प्रवासी कामगारों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा देगा
Modified Date: January 8, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: January 8, 2026 7:11 pm IST

कोलकाता, आठ जनवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने कहा है कि देश के अन्य हिस्सों में काम कर रहे या पढ़ाई कर रहे पश्चिम बंगाल के निवासियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी और वे जल्द ही शुरू किए जाने वाले पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दस्तावेज जमा कर सकेंगे।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ‘‘यदि वे स्वयं सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकते हैं, तो परिवार का कोई सदस्य उनकी ओर से इसमें शामिल हो सकता है। आयोग द्वारा ऑनलाइन जमा किए गए दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य के बाहर रहने वाले प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और पेशेवरों के समक्ष आ रही चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से लिया गया है, जिन्हें पहले सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक था।

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इस बीच, निर्वाचन आयोग ने कुछ बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के आचरण पर असंतोष व्यक्त किया और आरोप लगाया कि कई मामलों में उन्होंने आधिकारिक निर्देशों की अनदेखी की है और स्वतंत्र निर्णय लिए।

सूत्रों ने बताया कि आयोग ने चेतावनी दी है कि बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा जानबूझकर की गई किसी भी गलती के लिए सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और इसकी जिम्मेदारी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) पर नहीं डाली जाएगी।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब निर्वाचन आयोग ने बुधवार को अपने रिकॉर्ड में विसंगतियों के कारण 94 लाख लोगों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।

विभाग के अधिकारियों ने कथित तौर पर सीमित समय सीमा के भीतर लगभग एक करोड़ सुनवाई की व्यवहारिकता को लेकर चिंता जताई है।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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