एसआईटी ने राय, मिश्रा और राव से फिर की पूछताछ : चंपत बोले— ‘कलंक’ साथ लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे

एसआईटी ने राय, मिश्रा और राव से फिर की पूछताछ : चंपत बोले— 'कलंक' साथ लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे

एसआईटी ने राय, मिश्रा और राव से फिर की पूछताछ : चंपत बोले— ‘कलंक’ साथ लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे
Modified Date: July 2, 2026 / 10:01 pm IST
Published Date: July 2, 2026 10:01 pm IST

अयोध्या (उप्र), दो जुलाई (भाषा) राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले की जांच कर रहे विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव से एक साथ पूछताछ की।

इस बीच, चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गयी है लेकिन वह ‘कलंक’ के साथ अयोध्या से नहीं जाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि आज एसआईटी ने दोबारा अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से एक साथ पूछताछ की। उन्होंने बताया कि गत 13 जून को गठित एसआईटी के सदस्य छह दिन तक जांच करके प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद दूसरी बार मंदिर परिसर में पहुंचे, तब जांच दल ने राय, मिश्रा और राव से अलग—अलग पूछताछ की थी।

इस बीच, चंपत राय ने कहा कि उनकी ‘अयोध्या में सेवा पूरी हो गई है’ और वह कथित राम मंदिर दान गबन विवाद से जुड़े ‘कलंक’ को अपने साथ लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एकांतवास में रह रहे राय ने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से यह भी कहा कि उनके साथ ‘विश्वासघात’ हुआ है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि उनका इशारा किसकी ओर था।

यह घटनाक्रम राम मंदिर के दान में कथित गबन के विवाद और कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की वकीलों के एक वर्ग की मांग के बीच आया है।

सूत्रों ने कहा कि राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, जो पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं, का भविष्य छह जुलाई को अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से तय होने की संभावना है।

मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत दी।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।

वकीलों ने अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला और शिकायत सौंपकर मांग की कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

इस दौरान वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की में उन्हें मामूली चोटें भी आई हैं।

मिश्रा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘एक लिखित शिकायत सौंप दी गई है। पांच लोग शिकायत की पावती लेने गए हैं। यदि हमें उसकी प्रति नहीं दी जाती है तो हमारा विरोध जारी रहेगा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन (मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारी) के नाम शामिल हैं। अब हम देखेंगे कि श्रीराम जन्मभूमि थाना पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।’’

उन्होंने कहा कि यदि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है तो बार एसोसिएशन आंदोलन शुरू करेगा।

मिश्रा ने बताया कि बार एसोसिएशन ने पहले घोषणा की थी कि वे इस मामले में आरोपियों का बचाव नहीं करेंगे और उनका प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखने वाले किसी भी वकील के लिए प्रति आरोपी पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) चक्रपाणि त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस को फैजाबाद बार एसोसिएशन द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है।

बाद में, पुलिस ने कहा कि शिकायत को राम जन्मभूमि पुलिस थाने में जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज किया गया है और शिकायतकर्ताओं को एक पावती रसीद जारी की गई है।

इस बीच, राम मंदिर के दान की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच अयोध्या में प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महासचिव चंपत राय समेत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय, कारसेवकपुरम और ट्रस्ट से जुड़े अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों पर तैनाती मजबूत कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि तीर्थक्षेत्र कार्यालय में चार उप-निरीक्षकों को तैनात किया गया है और क्षेत्र में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की एक कंपनी भी तैनात की गई है।

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जेल में बंद एक आरोपी अविनाश शुक्ला को आगे की पूछताछ के लिए 24 घंटे की रिमांड पर लिया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती का काम करने वाले शुक्ला को अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर दे दिया।

उन्होंने बताया कि इस रिमांड से जांचकर्ताओं को चंदे के कथित हेरफेर की जांच करने, धन के लेन-देन का पता लगाने और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान बरामद नकदी में अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये बरामद किये गये थे।

राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिये एसआईटी गठित की थी जिसने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

मामला बढ़ने पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बौर सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने—अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

भाषा सं. जफर सलीम अमित

अमित


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