एसकेएम ने संसद में महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़ी चर्चा के दौरान भाजपा को समर्थन का आश्वासन दिया

एसकेएम ने संसद में महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़ी चर्चा के दौरान भाजपा को समर्थन का आश्वासन दिया

एसकेएम ने संसद में महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़ी चर्चा के दौरान भाजपा को समर्थन का आश्वासन दिया
Modified Date: April 13, 2026 / 01:24 pm IST
Published Date: April 13, 2026 1:24 pm IST

गंगटोक, 13 अप्रैल (भाषा) सिक्किम के लोकसभा सदस्य इंद्र हांग सुब्बा ने महिला आरक्षण अधिनियम पर संसद में होने वाली चर्चा के दौरान भाजपा को सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के समर्थन का आश्वासन दिया है।

संसद का बजट सत्र बढ़ा दिया गया है और 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन पेश किए जाएंगे ताकि इसे 2029 में लागू किया जा सके।

इस अधिनियम को आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के रूप में जाना जाता है।

एसकेएम सांसद सुब्बा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अधिनियम को लागू करने के संबंध में एक पत्र प्राप्त हुआ है।

सुब्बा ने कहा, ‘‘एसकेएम की ओर से और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में हम इस ऐतिहासिक सुधार का पूरा समर्थन करते हैं। इस बहुप्रतीक्षित सुधार को संभव बनाने में प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए मैं हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि कानून निर्माण और नीतिगत निर्णयों में महिलाओं की अधिक भागीदारी का समाज पर गहरा, दूरगामी और परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा, जिससे समावेशी माहौल बढ़ेगा, शासन व्यवस्था में सुधार होगा और सभी के लिए संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक विधायी उपलब्धि नहीं है, बल्कि अधिक न्यायसंगत, समावेशी और सशक्त भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम है।’’

सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रावधान है।

हालांकि, इसे 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होना था जिसका मतलब यह था कि महिला आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता।

वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से इसे लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी, जिसके लिए सरकार कानून में संशोधन को पारित करने के लिए संसद की तीन दिवसीय बैठक बुला रही है।

भाषा संतोष वैभव

वैभव


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