पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश से उत्तर भारत में शुष्क मौसम का दौर खत्म हुआ

पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश से उत्तर भारत में शुष्क मौसम का दौर खत्म हुआ

पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश से उत्तर भारत में शुष्क मौसम का दौर खत्म हुआ
Modified Date: January 23, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: January 23, 2026 8:34 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) उत्तर भारत में शुक्रवार की सुबह घने काले बादलों के बीच कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश के साथ शुरू हुई। इसकी वजह से दिल्ली सहित कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और इसका असर गणतंत्र दिवस परेड के फुड ड्रेस रिहर्सल पर भी पड़ा।

क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे शुष्क मौसम का अंत बर्फबारी और बारिश के साथ हुआ, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई। इससे कई किसानों ने राहत की सांस ली और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लंबी छुट्टियों की तैयारी कर रहे पर्यटकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

जम्मू और कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में ताजा हिमपात के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद करना पड़ा, कुछ समय के लिए त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा भी स्थगित करनी पड़ी और कश्मीर में 20 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं।

अधिकारियों ने बताया कि गुलमर्ग के प्रसिद्ध स्कीइंग रिजॉर्ट में दो फुट से अधिक ताजा बर्फबारी हुई, जबकि गांदरबल जिले के सोनमर्ग पर्यटक रिजॉर्ट में छह इंच से अधिक और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम रिर्जार्ट में लगभग तीन इंच बर्फ गिरी।

उन्होंने बताया कि बडगाम, बारामूला, कुपवारा, शोपियां, पुलवामा और बांदीपोरा जिलों के कई इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि अनंतनाग और कुलगाम जिलों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई।

अधिकारियों ने बताया कि घाटी में भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानें रद्द होने निलंबित कर दी गई, क्योंकि बर्फबारी से रनवे विमानों के संचालन के लिए असुरक्षित हो गया था।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रीनगर में प्रतिकूल मौसम और हिमपात के कारण, रनवे फिलहाल सुरक्षित विमान संचालन के लिए उपलब्ध नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, श्रीनगर से आने-जाने वाली सभी उड़ानें आज के लिए रद्द कर दी गई हैं।’’

अधिकारियों के मुताबिक घाटी को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाली वैकल्पिक सड़क मुगल रोड भी बंद कर दी गई है, जबकि सोनमर्ग और जोजिला इलाके में बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात को रोक दिया गया है।

मौसम विज्ञान विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक मौजूदा मौसम प्रणाली शुक्रवार शाम तक सक्रिय रहेगी। पीर-पंजाल पर्वतमाला, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश या बर्फबारी या ओलावृष्टि की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात श्रीनगर समेत घाटी के कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं, जिससे पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए और कुछ इलाकों में छतें उड़ गईं, साथ ही बिजली के तार टूट गए। घाटी के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है जिसे बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

जम्मू में, राजौरी, पुंछ और कठुआ जिलों के विद्यालयों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद बंद कर दिया गया। जम्मू शहर सहित मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश हुई, जिससे दो महीने से अधिक समय से जारी शुष्क मौसम का अंत हुआ।

अधिकारियों के मुताबिक माता वैष्णो देवी मंदिर में भी इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसकी वजह से यात्रा कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

अधिकारियों ने बताया कि रामबन, डोडा, किश्तवार, पुंछ, राजौरी, रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में अब भी बर्फबारी जारी है, और बर्फ से ढके क्षेत्रों में पांच इंच से लेकर एक फुट से अधिक बर्फ जमा हो गई है।

दिल्ली में लंबे समय से चल रहे शुष्क शीतकालीन मौसम का अंततः तब अंत हुआ जब शहर में शुक्रवार को साल की पहली बारिश दर्ज की गई। इससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण से लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिली।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के दिन के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में सुबह से दोपहर पहले तक एक या दो बार बारिश होगी और दोपहर और शाम को बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर होगा।

बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 293 पर पहुंच गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को शाम चार बजे यह 313 दर्ज किया गया था।

गणतंत्र दिवस परेड के फुल ड्रेस रिहर्सल के तहत सैनिकों ने भीगी हुई वर्दी और बूटों में कर्तव्य पथ पर मार्च किया। वहीं, कार्यालय जाने वाले लोग भीषण बारिश के कारण ठंड और जाम से जूझते रहे।

लगातार बारिश के बाद शहर के कुछ हिस्सों में यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ यात्रियों ने इंटरनेट पर लंबे जाम की तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘‘हल्की बारिश, भारी ड्रामा – दिल्ली की नियति’, ‘दिल्ली का ट्रैफिक बहुत खराब है!’’

कार्यालय जाने वाले कुछ लोगों ने सड़कों पर जलजमाव के वीडियो भी अपलोड किए। एक उपयोगकर्ता ने अपनी ऑटो रिक्शा का जलभराव वाली सड़क से गुजरते हुए वीडियो अपलोड किया।

कर्तव्य पथ पर, भीगी हुई वर्दी और गीले जूतों में सैनिकों की मार्च करती टुकड़ियों ने गणतंत्र दिवस परेड का ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ किया। हालांकि, लगातार बारिश और गरज के कारण पूर्वाभ्यास देरी से शुरू हुआ।

फुल ड्रेस रिहर्सल देखने आए लोग बारिश के बावजूद दर्शक दीर्घाओं में बैठे रहे। कई लोगों ने खुद को बचाने के लिए छतरियों, टोपियों और प्लास्टिक का इस्तेमाल किया, जबकि अन्य लोगों ने बारिश रुकने पर अपनी बैठने की व्यवस्था और सामान को समायोजित किया।

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को इस सर्दी की पहली बर्फबारी हुई, जिससे लगभग तीन महीने से चल रहे शुष्क मौसम का समापन हुआ। बर्फ की सफेद चादर देख पर्यटकों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा पहाड़ी राज्य एक शीतकालीन ‘वंडरलैंड’ में तब्दील हो गया।

पर्यटक प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी का आनंद लेते हुए देखे गए। सोशल मीडिया के कुछ उपयोगकर्ताओं ने ‘एक्स’ पर ताज़ा बर्फबारी के वीडियो पोस्ट करते हुए पर्यटकों को सड़क पर धीरे गाड़ी चलाने की सलाह दी। ऊना के एक पर्यटक ने कहा, ‘‘मैंने मनाली में पहली बार बर्फबारी देखी है। यह एक अद्भुत अनुभव है।’’

एक अन्य पर्यटक ने कहा, ‘‘हम कई सालों से यहां आ रहे हैं, बर्फबारी देखने की उम्मीद में कई जगहों का दौरा कर चुके हैं। इस बार हम इसे देख रहे हैं। यह एक सपने के सच होने जैसा है।’’

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में 24 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहेगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह बर्फबारी ‘‘जल स्रोतों और आगामी कृषि और बागवानी मौसम के लिए लाभदायक साबित होगी’’।

उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र के किसानों और बागवानी करने वालों को लंबे समय तक सूखे के बाद हुई बर्फबारी से काफी राहत मिली है। इस प्राकृतिक वरदान के लिए ईश्वर का हार्दिक धन्यवाद।’’

सुक्खू ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की भी अपील की।

उत्तराखंड में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम का अंत हुआ लेकिन शीत लहर ने रफ्तार पकड़ ली है।

ताजा बर्फबारी से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मसूरी, चकराता, घनोल्टी और उत्तरकाशी सफेद रंग की महीन परत में ढक गए।

मौसम में बदलाव की वजह से पर्यटक मॉल रोड और मसूरी के अन्य स्थानों पर उमड़ पड़े हैं, और कई लोगों ने सोशल मीडिया पर बर्फबारी के वीडियो साझा किए हैं। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे सेब उत्पादकों और अन्य बागवानों ने भी बर्फबारी का स्वागत किया।

राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर जिले के पुष्कर में सबसे अधिक 13.0 मिमी बारिश हुई। कुछ स्थानों पर हल्का से मध्यम कोहरा भी छाया रहा।

आईएमडी के मुताबिक एक और पश्चिमी विक्षोभ के 27 और 28 जनवरी के दौरान राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी भागों में सक्रिय होने की संभावना है।

पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम का भी शुक्रवार की बारिश से समापन हुआ। इससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई और यह सामान्य सीमा से ऊपर बना रहा।

भाषा धीरज माधव

माधव


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