चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा पर अब तक 34,140 श्रद्धालु पहुंचे
चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा पर अब तक 34,140 श्रद्धालु पहुंचे
देहरादून, 31 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड में पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा में तेजी आयी है और चार धामों के कपाट बंद होने के बाद से उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर अब तक 34,140 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के सर्दियों में कपाट बंद हो जाने के बाद अक्सर पहाड़ों पर दिखाई देने वाली वीरानी अब शीतकालीन यात्रा की चहल पहल में बदल गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साल भर पहले शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आए थे और अब वह तेजी से आगे बढ़ रही है।
विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों से संबंधित ज्योतिर्मठ, ऊखीमठ, मुखवा और खरसाली जैसे शीतकालीन प्रवास स्थलों तक देश-दुनिया के यात्री अच्छी-खासी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अनुसार इस बार चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने के बाद से अभी तक 34,140 यात्री इन स्थानों पर पहुंच चुके हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, शीतकालीन यात्रा अभी करीब ढाई महीने और चलनी है।
यह यात्रा वर्ष 2024-25 में शुरू की गयी थी और तब 73,381 यात्री शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। शीतकालीन यात्रा में अभी तक सबसे ज्यादा यात्री बाबा केदारनाथ के गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे हैं।
चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ प्रजापति नौटियाल ने बताया कि अभी तक सबसे ज्यादा 20,338 यात्रियों ने ऊखीमठ में दर्शन किए हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद ज्योर्तिमठ, खरसाली और मुखवा में यात्री पहुंचे हैं।
डॉ नौटियाल के अनुसार, प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार यात्री इन शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन के लिए आ रहे हैं।
इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुखवा और हर्षिल आकर जिस तरह से शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया, उसके सार्थक नतीजे निकले हैं और लगातार दूसरे वर्ष भी शीतकालीन यात्रा सफलतापूर्वक चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘देश-दुनिया के लोग शीतकाल में भी उत्तराखंड आकर पवित्र स्थलों के दर्शन कर रहे हैं और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देख रहे हैं। बारहमासी यात्रा की सफलता से स्थानीय लोगों का रोजगार भी फल-फूल रहा है।’’
भाषा दीप्ति अमित
अमित

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