(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 21 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में कुछ समूह ‘‘राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों’’ में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में ऐसी चीजों की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
घोष ने पत्रकारों से कहा कि राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर में जारी इस तरह की गतिविधियों की जिम्मेदारी लेनी होगी।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘कुछ समूह सक्रिय रहते हैं और अक्सर राष्ट्र-विरोधी नारे लगाते हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं। माननीय राज्यपाल के साथ भी बदसलूकी के मामले सामने आए हैं।’’
घोष ने कहा कि पूर्व मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ भी परिसर में बदसलूकी की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम विश्वविद्यालय के अंदर ऐसी राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए इस तरह की गतिविधियों को रोका जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में हमेशा से तनाव रहा है और पुलिस को यह पता लगाना होगा कि बृहस्पतिवार को हुई हिंसा के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय के कुलपति को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। लेकिन विश्वविद्यालय के अंदर शांति और व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।’’
यादवपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी झुकाव वाले छात्र समूहों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को बुलाने का आरोप लगाया।
इस हिंसा में कई छात्र घायल हो गए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा दक्षिण कोलकाता में स्थित विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में कई जगहों पर आगजनी की भी खबर मिली है।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह टकराव बुधवार को ‘फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (एफईअीएसयू) की एक बैठक से शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा।
कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने इसे ‘‘अवांछनीय घटना’’ बताया और कहा कि इसकी जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शाम के बाद परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
भाषा सुरभि मनीषा
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