दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ा : आईएमडी
दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ा : आईएमडी
नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) केरल में मानसून ने भले ही अपने आगमन की अपेक्षित तारीख 26 मई को दस्तक नहीं दी, लेकिन यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ अन्य हिस्सों, लक्षद्वीप क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आईएमडी ने पहले अनुमान जताया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंच जाएगा। हालांकि, उसने कहा था कि राज्य में इसकी दस्तक में चार दिन की जल्दी या देरी हो सकती है।
केरल में मानसून का आगमन आम तौर पर एक जून के आसपास होता है। इसी के साथ देश में मानसूनी बारिश के मौसम (जून से सितंबर तक) की शुरुआत हो जाती है।
आईएमडी के मुताबिक, पिछले साल मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी।
विभाग ने एक बयान में कहा, “अगले दो-तीन दिन के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, पूर्व-मध्य एवं पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।”
भारत में 70 फीसदी से अधिक सालाना बारिश मानसून के महीनों में होती है, जिसके मद्देनजर इस मौसम को कृषि, पेयजल आपूर्ति, पनबिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन और भूजल पुनर्भरण के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
भाषा पारुल पवनेश
पवनेश

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