अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों से दुनिया में भारत का कद बढ़ा : लोकसभा अध्यक्ष बिरला

अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों से दुनिया में भारत का कद बढ़ा : लोकसभा अध्यक्ष बिरला

अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों से दुनिया में भारत का कद बढ़ा : लोकसभा अध्यक्ष बिरला
Modified Date: September 21, 2023 / 01:45 pm IST
Published Date: September 21, 2023 1:45 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितम्बर (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ-साथ देशवासियों को बृहस्पतिवार को बधाई दी और कहा कि इन उपलब्धियों से वैश्विक स्तर पर हमारे देश का कद बढ़ा है।

बिरला ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष के क्षेत्र में हमारी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए पूरे देश को बधाई देते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। इन उपलब्धियों से प्रत्येक भारतीय गौरवान्वित हुआ है और वैश्विक स्तर पर हमारे देश का कद बढ़ा है।’’

बिरला ने कहा, ‘‘तेईस अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बनकर हमने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। चंद्रयान-3 की मिशन की सफलता हमारे वैज्ञानिकों की अथक प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो निरंतर ब्रह्मांड के सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास करते आए हैं। इस सदन के माध्यम से मैं इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए इसरो के सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों और भारत के लोगों को बधाई देता हूं।’’

 ⁠

उन्होंने कहा, ‘‘भारत विश्व कल्याण के लिए अपनी सफलताओं और उपलब्धियों को दूसरों के साथ साझा करने में विश्वास रखता है। इसलिए हमने चंद्रयान तीन की सफलता को विश्व के वैज्ञानिक समुदाय और पूरी मानवता को समर्पित किया है।’’

उन्होंने प्रज्ञान रोवर द्वारा चंद्रमा पर सल्फर, ऑक्सीजन, अल्युमिनियम, कैल्शियम और आयरन जैसे तत्वों की मौजूदगी सहित अन्य अमूल्य जानकारी भेजने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अंतरिक्ष के बारे में मानव ज्ञान में वृद्धि होगी और भावी अभूतपूर्व खोजों का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं चंद्रमा पर चंद्रयान-2 के पदचिह्नों ‘तिरंगा प्वाइंट’ और चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल को ‘शिवशक्ति प्वाइंट’ का नाम दिये जाने का भी स्वागत करता हूं। ये नाम हमारी सदियों पुरानी विरासत के साथ हमारी वैज्ञानिक महत्वाकांक्षाओं और प्रयासों के प्रतीक हैं।’’

चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 मिशन में बड़ी संख्या में महिला वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए बिरला ने कहा कि इससे नये भारत में महिलाओं के योगदान का पता चलता है।

भारत की अंतरिक्ष परियोजनाओं के तुलनात्मक दृष्टि से किफायती होने का जिक्र करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि इससे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती क्षमताओं के साथ-साथ भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा का परिचय भी मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘इन उपलब्धियों के फलस्वरूप भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी देशों में अपना स्थान बनाया है।’’

भाषा सुरेश नरेश

नरेश


लेखक के बारे में