गोवा में यकृत संबंधी रोग की शीघ्र पहचान और रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू

गोवा में यकृत संबंधी रोग की शीघ्र पहचान और रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू

गोवा में यकृत संबंधी रोग की शीघ्र पहचान और रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू
Modified Date: June 13, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: June 13, 2026 9:28 pm IST

पणजी, 13 जून (भाषा) गोवा सरकार ने यकृत संबंधी रोग की शीघ्र पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से एक दवा कंपनी के साथ साझेदारी की है। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत अगले तीन वर्षों में राज्य के तीन लाख लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि ‘लिवर फॉरएवर’ नामक इस पहल की शुरुआत शनिवार को जाइडस हेल्थकेयर के सहयोग से की गई। जाइडस हेल्थकेयर, जाइडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्यक्रम मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (एमएएफएलडी) और मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस (एमएएसएच) की शीघ्र जांच और रोकथाम पर केंद्रित है।

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में राज्य की लगभग 14 लाख वयस्क आबादी में से तीन लाख लोगों की जांच करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यकृत संबंधी रोग (फैटी लिवर रोग) की शुरुआती अवस्था में पहचान कर उसे लिवर सिरोसिस और टाइप-2 मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों में बदलने से रोकना है।

राणे ने बताया कि जांच से प्राप्त आंकड़ों को गोवा के सार्वभौमिक स्वास्थ्य डाटाबेस से भी जोड़ा जाएगा, जिससे स्वास्थ्य विभाग मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की निगरानी कर सकेगा। ये सभी ‘फैटी लिवर रोग’ के प्रमुख जोखिम कारक माने जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और गोवा मेडिकल कॉलेज के माध्यम से तीन लाख नागरिकों के लिए व्यापक जांच कार्यक्रम लागू कर हम उपचार-केंद्रित व्यवस्था से हटकर राज्यव्यापी रोकथाम आधारित मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं।’’

जाइडस हेल्थकेयर की प्रबंध निदेशक स्वाति दलाल ने कहा कि यकृत संबंधी बीमारियों के बेहतर परिणामों के लिए शुरुआती जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की निदान संबंधी क्षमताओं, जागरूकता कार्यक्रमों और रोग प्रबंधन विशेषज्ञता को गोवा की स्वास्थ्य अवसंरचना के साथ जोड़कर राज्य में रोग की शीघ्र पहचान और प्रभावी प्रबंधन को मजबूत करेगी।

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

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