केंद्रीय बजट में शामिल नहीं होने के बावजूद श्रीधरन ने केरल हाई-स्पीड रेल योजना को आगे बढ़ाया

केंद्रीय बजट में शामिल नहीं होने के बावजूद श्रीधरन ने केरल हाई-स्पीड रेल योजना को आगे बढ़ाया

केंद्रीय बजट में शामिल नहीं होने के बावजूद श्रीधरन ने केरल हाई-स्पीड रेल योजना को आगे बढ़ाया
Modified Date: February 2, 2026 / 01:49 pm IST
Published Date: February 2, 2026 1:49 pm IST

मलप्पुरम (केरल), दो फरवरी (भाषा) ‘मेट्रोमैन’ के नाम से प्रसिद्ध ई. श्रीधरन ने केंद्रीय बजट में शामिल नहीं होने के बावजूद केरल में उच्च गति वाले रेल गलियारे की परियोजना की औपचारिक रूप से सोमवार को शुरुआत की और पोन्नानी में एक कार्यालय का उद्घाटन किया।

उनकी पत्नी राधा ने सुबह नौ बजे औपचारिक रूप से दीप जलाकर कार्यालय का उद्घाटन किया। श्रीधरन ने कहा कि यह स्थान जनता के लिए परियोजना को समझने और अपनी चिंताओं को उठाने के लिए एक संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले चरण में इस कार्यालय का उपयोग लोगों को परियोजना के बारे में समझाने और उनके संदेह दूर करने के लिए किया जाएगा।’’

लोगों के साथ बैठकें 15 फरवरी से शुरू होंगी, जिनकी शुरुआत मलप्पुरम से होगी और फिर प्रस्तावित मार्ग के साथ अन्य जिलों में आयोजित की जाएंगी।

श्रीधरन ने कहा कि कार्यालय खुलने के साथ ही परियोजना पर आधिकारिक काम शुरू हो गया है और कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से कार्यभार संभालेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करें उससे लोगों को लाभ होना चाहिए न कि परेशानी पैदा होनी चाहिए। अगर समस्याएं आती हैं तो हमें उन्हें हल करके आगे बढ़ना चाहिए।’’

श्रीधरन ने कहा कि जमीनी कार्य अप्रैल में शुरू होगा।

इस परियोजना में 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं और जमीनी स्तर पर काम जून से पहले पूरा होने की उम्मीद है।

जनता का विश्वास कायम होने के बाद सर्वेक्षण का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोगों का भरोसा जीता जाए तो डरने की कोई बात नहीं है।’’

श्रीधरन ने आगामी मानसून का हवाला देते हुए कहा कि वह औपचारिक आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना ही आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक प्रस्तावित रेल लाइन की अधिकतम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और इसका कार्यान्वयन रेल मंत्रालय द्वारा किया जाएगा, जिसमें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद राज्य सरकार के विचार मांगे जाएंगे।

हालांकि, श्रीधरन को केंद्र सरकार की मंजूरी का पूरा भरोसा है वहीं केरल सरकार वर्तमान में इसी तरह के गलियारे के साथ एक ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

भाषा यासिर गोला

गोला


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