ईसाई और मुसलमान बनने वाले आदिवासियों का एसटी का दर्जा खत्म किया जाए: निशिकांत दुबे

ईसाई और मुसलमान बनने वाले आदिवासियों का एसटी का दर्जा खत्म किया जाए: निशिकांत दुबे

ईसाई और मुसलमान बनने वाले आदिवासियों का एसटी का दर्जा खत्म किया जाए: निशिकांत दुबे
Modified Date: March 27, 2026 / 04:29 pm IST
Published Date: March 27, 2026 4:29 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ईसाई और इस्लाम धर्म स्वीकार करने वाले आदिवासियों का अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा खत्म किया जाए।

उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह विषय उठाया और कहा कि यह सुनिश्चित करने के बाद झारखंड में परिसीमन कराया जाए।

दुबे ने उच्चतम न्यायालय के एक हालिया आदेश का हवाला भी दिया कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड में 2001 के बाद भी परिसीमन नहीं हुआ। उसका कारण यह था कि जनसंख्या के असंतुलन के कारण अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति की सीटें कम हो रही थीं। आगे राज्य में जब परिसीमन होगा तो इन वर्गों के लिए आरक्षित सीटें कम हो जाएंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से मांग है कि जो लोग मुस्लिम और ईसाई बनते हैं तो उनका आदिवासी का दर्जा खत्म किया जाए। इसके बाद झारखंड में परिसीमन करवाइए।’’

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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