स्टालिन ने समुद्र किनारे नए सचिवालय के निर्माण की टीवीके सरकार की योजना का विरोध किया

स्टालिन ने समुद्र किनारे नए सचिवालय के निर्माण की टीवीके सरकार की योजना का विरोध किया

स्टालिन ने समुद्र किनारे नए सचिवालय के निर्माण की टीवीके सरकार की योजना का विरोध किया
Modified Date: September 21, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: September 21, 2026 2:40 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

चेन्नई, 21 सितंबर (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के मरीना बीच के पास फोरशोर एस्टेट में नए सचिवालय-विधानसभा परिसर के निर्माण के तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार के प्रस्ताव का सोमवार को कड़ा विरोध किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरों की आजीविका और उनकी बस्तियों को उजाड़कर भीड़भाड़ वाले इलाके में नए सचिवालय की जरूरत नहीं है। द्रमुक प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा परिसर मुख्यमंत्री के काम करने के लिए होता है, समुद्र के नजारे देखने के लिए नहीं।

यहां जारी एक बयान में उन्होंने इस परियोजना का विरोध कर रहे मछुआरों के आंदोलन को अपनी पार्टी का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हम टीवीके सरकार के अहंकार को ‘चूर-चूर’ कर देंगे, जिसने अपनी समर्थक पार्टियों के विरोध के बावजूद नए सचिवालय के निर्माण के सरकारी आदेश को वापस नहीं लिया है।’’

सरकार को बाहर से समर्थन दे रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी समुद्र तट के पास इस योजना का कड़ा विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। पार्टी ने कहा है कि इससे मछुआरा समुदाय पर गंभीर असर पड़ेगा और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए भी यह चिंता का विषय है।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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