लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी : सचिन पायलट

लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी : सचिन पायलट

लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी : सचिन पायलट
Modified Date: February 10, 2026 / 04:18 pm IST
Published Date: February 10, 2026 4:18 pm IST

जयपुर, 10 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद को जरूरी बताते हुए मंगलवार को कहा कि टकराव व दमन की मौजूदा राजनीति लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की जयंती के अवसर पर टोंक में आयोजित निःशुल्क दिव्यांग सामग्री वितरण शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह कार्यक्रम श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की ओर से आयोजित किया गया।

पायलट ने कहा कि अलग-अलग विचारधारा के लोग चुनाव लड़ते हैं परंतु मौजूदा समय में चुनाव लड़ना…प्रतिस्पर्धा की भावना होने की बजाए नफरत में तब्दील होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज राजनीति में एक-दूसरे के प्रति जो घृणा पैदा हो गई है और जो तनाव पैदा हो गया है, वह कोई शुभ संकेत नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में यदि सब दुश्मन बन जायेंगे तो सहमति कैसे बनेगी।

संसद में जारी गतिरोध पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा, ”आज जो संसद में हो रहा है इससे सभी भली-भांति परिचित हैं। हमारे लोकतंत्र की परंपरा रही है कि आलोचना करना, आईना दिखाना, सवाल पूछना, मापदण्ड तय करना, जिम्मेदारी तय करना… यह विपक्ष का काम रहा है।”

उन्होंने कहा, ”मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की बहुत बड़ी जरूरत है। लेकिन, आज जो टकराव एवं दमन की राजनीति उत्पन्न हो गई है, यह लोकतंत्र में सही नहीं है।”

समिति के कामकाज की सराहना करते हुए राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के मन में यह भाव रहता है कि गरीब, असहाय लोगों की मदद किस प्रकार से की जाये परंतु कई बार यह भावना मूर्त रूप नहीं ले पाती। बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो इस भावना को साकार रूप प्रदान करते है।

उन्होंने कहा कि श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ऐसी ही एक संस्था है जिसने अनेकों अक्षम लोगों को अपने पैरों पर खड़ा कर मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

एक बयान के अनुसार इस तीन दिवसीय शिविर में दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर, व्हीलचेयर आदि का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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