जम्मू कश्मीर में शिक्षण संस्थान को अवैध घोषित करने पर विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने मार्च निकाला

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जम्मू कश्मीर में शिक्षण संस्थान को अवैध घोषित करने पर विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने मार्च निकाला

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 04:28 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 04:28 PM IST

श्रीनगर, सात मई (भाषा) जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में एक शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने संस्थान को अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गैरकानूनी इकाई घोषित करने के सरकार के निर्णय के विरूद्ध बृहस्पतिवार को विरोध मार्च निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि दारुल उलूम जामिया सिराज उल उलूम के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने संस्थान से उपायुक्त/जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय तक मार्च निकाला तथा उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, ‘हमारा भविष्य बचाओ’,‘हमारा स्कूल खोलो’।

ये लोग ‘शिक्षा हमारा मौलिक अधिकार है’ जैसे नारे लगा रहे थे।

यह मार्च शांतिपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की जिसमें संस्थान को गैरकानूनी संस्था घोषित किया गया था।

कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने पिछले महीने शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत डोजियर के आधार पर दो पन्नों का आदेश जारी किया था जिसमें दारुल उलूम जामिया सिराज उल उलूम में कथित अवैध गतिविधियों का हवाला दिया गया था।

चौबीस अप्रैल को जारी किये गये आदेश में कहा गया है, ‘‘इस संस्थान के जमात-ए-इस्लामी के साथ निरंतर और गुप्त संबंधों को इंगित करने वाले विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद हैं। जमात-ए-इस्लामी को भारत सरकार ने 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था।’’

राजनीतिक दलों ने सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए अधिसूचना वापस लेने की मांग की है।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश