फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को लेकर याचिका पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय सहमत

फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को लेकर याचिका पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय सहमत

फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को लेकर याचिका पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय सहमत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: January 17, 2021 10:48 am IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और अन्य से एक याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं और प्राचीन शहर के समन्वित विकास के लिए योजना लागू करने का निर्देश देने की मांग की।

न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र, उत्तरप्रदेश सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका जवाब मांगा जिसमें दावा किया गया है कि अधिकारी फतेहपुर सीकरी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम कसने में विफल रहे हैं।

पीठ में न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम भी शामिल थे जिन्होंने पिछले हफ्ते आदेश पारित किया, ‘‘नोटिस जारी किया जाए।’’

याचिका में कहा गया है कि फतेहपुर सीकरी के आसपास कई स्मारक हैं जिनका संरक्षण और देखभाल एएसआई के जिम्मे है।

फतेहपुर सीकरी निवासी अमरनाथ पाराशर ने याचिका दायर कर कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पहले आदेश पारित किया था और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्राचीन शहर और स्मारकों के संरक्षण के लिए कदम उठाए जाएं।

भाषा नीरज नीरज पवनेश

पवनेश


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