supreme court/ image source: ibc24 file image
Supreme Court SIR Hearing: नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि चुनावी सूची की शुद्धता बनाए रखना Election Commission of India का संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि SIR प्रक्रिया को अवैध नहीं माना जा सकता, क्योंकि चुनाव आयोग ने इसे कानून और निर्धारित नियमों के तहत लागू किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि देश में मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की प्रक्रिया आवश्यक होती है। अदालत ने माना कि आयोग को चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं में पर्याप्त स्वतंत्रता और अधिकार प्राप्त हैं, इसलिए उसकी शक्तियों में अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया में सभी कानूनी औपचारिकताओं और प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण का अधिकार संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून से मिला है।
यह मामला तब विवादों में आया था जब चुनाव आयोग ने जून 2025 में बिहार से SIR अभियान शुरू किया और बाद में इसे पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी लागू किया। प्रक्रिया के तहत 2002-03 की मतदाता सूची में नाम न होने पर मतदाताओं से वंशावली संबंधी दस्तावेज मांगे गए थे। ADR, PUCL, योगेंद्र यादव और अन्य नेताओं ने इसे NRC जैसी प्रक्रिया बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि इससे गरीब, प्रवासी और वंचित वर्ग के लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं, जबकि नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का अधिकार नहीं है। वहीं चुनाव आयोग ने कहा कि मृत, डुप्लीकेट और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और 326 के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार रखता है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में आधार जैसे अतिरिक्त दस्तावेज स्वीकार किए जाएं ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
सीजेपी को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराने के लिए वकील पहुंचा निर्वाचन आयोग
कसौली में वायुसेना स्टेशन के पास जंगल में आग, बुझाने के लिए वायुसेना ने हेलीकॉप्टर तैनात किए
हिमाचल पंचायत चुनाव: पहले चरण में 78.53 प्रतिशत मतदान; महिला मतदाताओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा
लखनऊ: विवाह के छह माह बाद महिला ससुराल में मृत पाई गई, परिवार का दहेज हत्या का आरोप
बेंगलुरु हवाई अड्डे पर इंडिगो के विमान में धुआं, सुरक्षित बाहर निकलते वक्त दो यात्री जख्मी
हत्या के मामले में फरार पूर्व बीडीओ नशे में वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार, जमानत मिली