गौवध रोकने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्चतम न्यायालय की रोक

गौवध रोकने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्चतम न्यायालय की रोक

गौवध रोकने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्चतम न्यायालय की रोक
Modified Date: July 13, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: July 13, 2026 1:48 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें तमिलनाडु सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि राज्य में किसी गाय या बछड़े का वध न हो।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की ओर से 27 मई के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।

तमिलनाडु सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय के 27 मई के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने राज्य प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि बकरीद की पूर्व संध्या 28 मई को या किसी अन्य दिन राज्य में किसी गाय या बछड़े का वध न होने दिया जाए।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, ‘‘हम इस रिट याचिका को स्वीकार करते हैं और तमिलनाडु राज्य को निर्देश देते हैं कि वह सुनिश्चित करे कि बकरीद की पूर्व संध्या या किसी अन्य दिन किसी गाय या बछड़े का वध न हो।’’

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि उच्च न्यायालय का यह आदेश तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के विपरीत है।

इस अधिनियम के तहत 10 वर्ष से अधिक उम्र वाली ऐसी गायों का वध करने की अनुमति है जो काम करने या प्रजनन के लिए अयोग्य हों। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है।

भाषा मनीषा नरेश

नरेश


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