बेंगलुरु, 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के उस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जिसमें ईसाईयों, मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से इनकार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों के गरीबों में ‘गहरी चिंता, बेचैनी और भय’ पैदा हो गया है।
कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी सुरजेवाला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि धर्मांतरण के आधार पर ‘अनुसूचित जाति’ (यहां तक कि पिछड़े वर्ग के रूप में) का दर्जा निर्धारित करना एक संवेदनशील मुद्दा रहा है जो बड़ी संख्या में गरीब, वंचित और सामाजिक पूर्वाग्रह को समाप्त करने की मांग करने वालों को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के बाद अनुसूचित जाति का दर्जा जारी रखने का मुद्दा 21 जनवरी 2011 से उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष लंबित है।
उन्होंने पूछा, ‘तो फिर उच्चतम न्यायालय की दो न्यायधीशों की पीठ बिना किसी बड़ी पीठ के पास भेजे इस मुद्दे पर फैसला कैसे कर सकती है?’
सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि मोदी सरकार ने इस मामले को उच्चतम न्यायालय की पीठ के संज्ञान में क्यों नहीं लाया, जबकि यह मामला तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष विचाराधीन था।
उन्होंने पूछा, ‘क्या यह सरकार द्वारा जानबूझकर किया गया था…?’
भाषा शुभम रंजन
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