पांच अक्टूबर से शुरू होगा फसल नुकसान का सर्वे, सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी: फडणवीस

पांच अक्टूबर से शुरू होगा फसल नुकसान का सर्वे, सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी: फडणवीस

पांच अक्टूबर से शुरू होगा फसल नुकसान का सर्वे, सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी: फडणवीस
Modified Date: September 17, 2026 / 11:42 am IST
Published Date: September 17, 2026 11:42 am IST

छत्रपति संभाजीनगर, 17 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार पांच अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराएगी और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) से सहायता मिलने का इंतजार किए बिना किसानों को अपने संसाधनों से वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी।

फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर के सिद्धार्थ गार्डन में ‘हैदराबाद मुक्ति संग्राम दिन’ (मराठवाड़ा मुक्ति दिवस) के अवसर पर ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद यह बात कही।

उन्होंने हैदराबाद रियासत से मुक्ति के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र वर्षों से विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है और इस साल सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसल नुकसान के आकलन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और नियमों के अनुसार पांच अक्टूबर के बाद पंचनामा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को एनडीआरएफ से सहायता मिलेगी, लेकिन उससे पहले राज्य सरकार अपने कोष से मदद उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है और किसान परेशान हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पहले बताया था कि राज्य के 18 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है और करीब आधे किसान इससे प्रभावित हैं।

फडणवीस ने कहा कि धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) जिले में 80 दिनों तक बारिश नहीं हुई, जिससे फसल नुकसान 80 से 85 प्रतिशत तक होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि बारिश की कमी से फूल आने और फलियां बनने के महत्वपूर्ण चरणों में नमी की कमी हुई, जिससे अनाज के विकास और भराव पर असर पड़ा। उन्होंने बताया कि किसान अपने खेतों में सूखे पौधों को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने किसानों के लंबित 48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चारे और पेयजल की कमी की आशंका को देखते हुए सरकार ने आवश्यक इंतजाम किए हैं और किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के कार्यक्रम में फडणवीस ने क्षेत्र के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद 13 महीने तक मराठवाड़ा निजाम के शासन में रहा और बाद में यह भारत का हिस्सा बना।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को अब सूखे से मुक्त बनाने के लिए जल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में पानी पहुंचाने की पहली चरण की परियोजना पूरी हो चुकी है और विश्व बैंक ने बाढ़ नियंत्रण परियोजना को मंजूरी दे दी है।

इससे अतिरिक्त 30 टीएमसी पानी उपलब्ध होगा, जिसे बीड, लातूर और धाराशिव क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोंकण से गोदावरी घाटी तक पानी लाने वाली नदी जोड़ो परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अंतिम चरण में है और इससे करीब 70 टीएमसी पानी उपलब्ध होगा।

फडणवीस ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक विकास के लिए सरकार 8,000 एकड़ अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण करेगी।

उन्होंने कहा कि जेएसडब्ल्यू, टोयोटा और एथर जैसी कंपनियों के निवेश से क्षेत्र को इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने शहर में यातायात समस्या दूर करने के लिए महाराष्ट्र की सबसे बड़ी एलिवेटेड सड़क बनाने और जालना ड्राई पोर्ट के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना की भी जानकारी दी।

भाषा रंजन

रंजन


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