बीजद से निलंबित विधायक पार्टी को कमजोर करने की साजिश में संलिप्त थे: प्रवक्ता
बीजद से निलंबित विधायक पार्टी को कमजोर करने की साजिश में संलिप्त थे: प्रवक्ता
भुवनेश्वर, 17 जनवरी (भाषा) ओडिशा में मुख्य विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने क्षेत्रीय दल को कथित तौर पर कमजोर करने की साजिश में संलिप्त दो विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। बीजद के प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बीजद के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी अध्यक्ष पटनायक भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वासघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि विधायक अरविंद महापात्रा और सनातन महाकुड पार्टी को कमजोर करने की साजिश में संलिप्त थे।
विधायकों को निलंबित करने की कार्रवाई का बचाव करते हुए मोहंती ने कहा, ‘‘यह फैसला महीनों तक गहन विचार-विमर्श और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिली प्रतिक्रियाओं के बाद सोच-समझकर लिया गया। दोनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ठोस आधार मौजूद थे।’’
उन्होंने इसे एक ‘‘मिडडे ऑपरेशन’’ करार दिया और इसकी तुलना पहले के एक असफल ‘‘मिडनाइट ऑपरेशन’’ से की।
मोहंती ने आरोप लगाया कि ‘मिडनाइट ऑपरेशन’ 2012 में तब रचा गया था जब पटनायक लंदन के दौरे पर थे और उन्हें सत्ता से अपदस्थ करने की कोशिश की गई थी।
मोहंती ने दावा किया, ‘‘पिछले कुछ महीनों के दौरान बीजद को भीतर से कमजोर करने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई। इस साजिश में मुख्य रूप से तीन लोग शामिल थे। ये तीन लोग पूर्व मंत्री बिजय महापात्रा (जिन्हें 25 साल पहले बीजद से निष्कासित किया गया था), उनके बेटे एवं विधायक अरविंद महापात्रा और विधायक सनातन महाकुड हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इस साजिश के पीछे बिजय थे जबकि अरविंद बाकी लोगों के साथ समन्वय कर रहे थे और महाकुड इस षड्यंत्र के क्रियान्वयन का काम कर रहे थे।’’
बीजद के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘महाकुड ने पहले भी पिछले 24 वर्षों के दौरान क्योंझर जिले के खराब विकास के लिए बीजद की आलोचना की थी और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी की खुलेआम प्रशंसा की थी।’’
अरविंद के पिता बिजय महापात्रा बीजद के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।
हालांकि, साल 2000 के आम चुनाव के लिए बिजय महापात्रा को पार्टी का टिकट नहीं दिया गया था। ओडिशा में बीजद के सत्ता में आने के तुरंत बाद उन्हें बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था।
मोहंती ने यह आरोप लगाया गया है कि बिजय महापात्रा ने अपने बेटे के जरिये उस अपमान का बदला लेने की कोशिश की। हालांकि, अरविंद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘आधारहीन’’करार दिया।
अरविंद ने कहा, ‘‘विधानसभा में मेरी महाकुड से कुछ ही बार मुलाकात हुई है। वे मेरे पिता (बिजय) को इस विवाद में घसीट रहे हैं। उनका बीजद और उसके मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।’’
भाषा प्रचेता धीरज
धीरज

Facebook


