शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाती है: भाजपा

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाती है: भाजपा

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाती है: भाजपा
Modified Date: May 7, 2026 / 12:12 pm IST
Published Date: May 7, 2026 12:12 pm IST

कोलकाता, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या को पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था के ‘पूर्ण पतन’ का सबूत बताया।

राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने 15 वर्षों तक शासन किया था।

भाजपा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में सत्ता खोने के बाद ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

राज्य में भाजपा की पहली सरकार के शपथ ग्रहण से कुछ दिन पहले हुए इस हत्याकांड की सभी पार्टियों ने निंदा की जबकि तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक 48 घंटे बाद बुधवार रात को बाइक सवार हमलावरों ने शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी।

भाजपा के एक नेता ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी से घनिष्ठ रूप से जुड़े एक व्यक्ति को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी सरकार के शासन में कानून-व्यवस्था कितनी बिगड़ गई थी। तृणमूल को बंगाल की जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया है।”

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य चुनावों में जीत के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने का आग्रह किया।

भट्टाचार्य ने कहा, “चुनाव जीतने वाले हम ही हैं, लेकिन मरने वाले भी हम ही हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में होने पर स्थिति कहीं अधिक खराब होती।

भट्टाचार्य ने कहा, “अगर तृणमूल विजयी होती, तो अब तक वे संभवतः 200 से अधिक हत्याएं कर चुके होते।”

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा राज्य में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “मैं पूरे भाजपा परिवार से अपील करता हूं कि इस पर रोक लगाएं। हिंसा की शुरुआत चाहे जो भी करे, आपको शांत रहना चाहिए। पश्चिम बंगाल की जनता ने हमें शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।”

वहीं शुभेंदु ने इसे ‘‘सुनियोजित हत्या’’ बताया और आरोप लगाया कि हत्यारों ने उत्तर 24 परगना जिले में हमले को अंजाम देने से पहले रेकी की थी।

तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जांच शुरू होने से पहले ही घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से टीएमसी का कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस पेशेवर तरीके से मामले की जांच कर रही है। भाजपा को निराधार आरोप लगाने से बचना चाहिए। हमने पहले ही इस हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर दी है।’’

कांग्रेस ने रथ की हत्या के मामले की पारदर्शी तरीके से जांच की मांग की और भाजपा और टीएमसी, दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि वे ‘हर त्रासदी को राजनीतिक लड़ाई में बदल देते हैं’।

कांग्रेस की राज्य इकाई के एक नेता ने कहा, ‘ध्यान हत्यारों की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने पर रहना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ उठाने पर।’

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी रथ की हत्या की निंदा की और राज्य में बिगड़ते राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की।

माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘टीएमसी शासन के तहत हिंसा और भय बंगाल की राजनीतिक संस्कृति का अभिन्न अंग बन गए हैं। प्रशासन को दृढ़ता और निष्पक्षता से कार्रवाई करनी चाहिए। हम इस हत्या की निंदा करते हैं और इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।’’

प्रारंभिक जांच के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रात करीब 10.30 बजे मध्यमग्राम के डोलतला के पास रथ के वाहन को रोका और करीब से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

खड़गपुर से नवनिर्वाचित विधायक दिलीप घोष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या की बृहस्पतिवार को कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की चुनावी जीत के बावजूद कार्यकर्ताओं को अत्याचारों का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष घोष ने कहा कि हिंसा की घटनाओं को तुरंत रोका जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “भाजपा सत्ता में आ गई है लेकिन सत्ता अभी हमारे हाथों में नहीं आई है। शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक पर हमला हुआ। हिंसा की इन घटनाओं को रोका जाना चाहिए।”

घोष ने पुलिस से असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। असामाजिक तत्वों को जेल भेजा जाना चाहिए।”

आसनसोल से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने चंद्रनाथ रथ की हत्या की कड़ी निंदा की और उन्हें ‘विश्वसनीय व्यक्ति’ व ‘हमेशा राजनीति से दूर रहने वाला’ बताया।

अभिनेता से भाजपा विधायक बने रुद्रनील घोष ने कहा कि तृणमूल ने एक बार फिर अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव


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