शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में तृणमूल की ‘रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति’ को दर्शाती है: प्रधान

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में तृणमूल की ‘रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति’ को दर्शाती है: प्रधान

शुभेंदु के सहयोगी की हत्या बंगाल में तृणमूल की ‘रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति’ को दर्शाती है: प्रधान
Modified Date: May 7, 2026 / 12:48 pm IST
Published Date: May 7, 2026 12:48 pm IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में ‘रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति’ को बढ़ावा दिया है।

भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मी और शुभेंदु के लंबे समय से सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तरी 24 परगना जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

प्रधान ने एक पोस्ट में कहा, “तृणमूल के गुंडों द्वारा की गई यह निर्मम, बर्बर और कायरतापूर्ण हत्या है। शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की क्रूरतापूर्ण हत्या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तृणमूल द्वारा फैलाई गई रक्तपात की राजनीतिक संस्कृति की एक अन्य भयावह याद दिलाती है।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ‘तृणमूल की भय और धमकी की राजनीति’ के आगे झुकने से इनकार करने पर बार-बार ‘निशाना बनाया गया, उन पर हमले किए गए और उनकी हत्या की गई’।

उन्होंने कहा कि यह हिंसा कोई छिटपुट घटना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक विपक्ष को कुचलने के उद्देश्य से रचे गए ‘आतंक के सुनियोजित तंत्र’ का हिस्सा है।

प्रधान ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी की पकड़ से लगातार फिसलते बंगाल को लेकर ममता बनर्जी की हताशा अब अपने ‘सबसे घिनौने रूप’ में प्रकट हो रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि ‘लोकतांत्रिक रूप से विचारधारा और जनविश्वास का मुकाबला करने में असमर्थ’ तृणमूल बंगाल पर अपनी कमजोर होती पकड़ को बनाए रखने के लिए धमकियों, क्रूरता और राजनीतिक रक्तपात का सहारा ले रही है।

उन्होंने कहा, “आज राज्य में जो हो रहा है, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है, जहां असहमति का जवाब हिंसा से दिया जाता है और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को हत्या के लिए औचित्य माना जाता है।”

प्रधान ने कहा, “लोकतंत्र में हिंसा और प्रतिशोध का कोई स्थान नहीं है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता भय और रक्तपात पर आधारित राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, “राजनीतिक हिंसा का हर कृत्य और इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति, चाहे वह अपराधी हो या संरक्षक, कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।”

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव


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