तमिलनाडु गैस रिसाव मामला : एनजीटी ने सीपीसीबी, अन्य को नोटिस जारी किया

तमिलनाडु गैस रिसाव मामला : एनजीटी ने सीपीसीबी, अन्य को नोटिस जारी किया

तमिलनाडु गैस रिसाव मामला : एनजीटी ने सीपीसीबी, अन्य को नोटिस जारी किया
Modified Date: July 19, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: July 19, 2026 5:53 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तमिलनाडु में एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में 21 जून को अमोनिया गैस रिसाव के मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इस हादसे में दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से अधिक अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

एनजीटी ने गैस रिसाव से संबंधित एक समाचार का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने दो जुलाई के आदेश में कहा, ‘‘यह मामला तमिलनाडु में 21 जून को एक समुद्री खाद्य इकाई में हुई दो श्रमिकों की मौत से संबंधित है। तिरुवल्लूर जिले की झींगा प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव के बाद ओडिशा के दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।’’ आदेश की प्रति हाल में उपलब्ध हो पाई।

पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, यह पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को लेकर “महत्वपूर्ण सवाल” भी उठाता है।

एनजीटी ने कहा कि अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। पीठ ने कहा, ‘‘समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई के खिलाफ औद्योगिक सुरक्षा मानकों समेत कई उल्लंघन पाए गए हैं। वहां उचित अलार्म प्रणाली, अग्निशमन रोधी प्रणाली या कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना से संबंधित फॉर्म-12 रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाया गया।’’

एनजीटी ने सीपीसीबी के सदस्य सचिव, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के सदस्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय और तिरुवल्लूर के जिलाधिकारी को मामले में पक्षकार/प्रतिवादी बनाया है।

एनजीटी ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अधिकरण की दक्षिणी क्षेत्रीय पीठ (चेन्नई) के समक्ष हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

क्षेत्राधिकार से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए एनजीटी ने मामले को आगे की कार्यवाही के लिए चेन्नई स्थित अपनी दक्षिणी क्षेत्रीय पीठ को स्थानांतरित कर दिया है। मामले की सुनवाई 31 अगस्त को दक्षिणी क्षेत्रीय पीठ के समक्ष निर्धारित की गई है।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत


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