तमिलनाडु: एनजीटी ने गैस रिसाव में दो श्रमिकों की मौत के मामले में सीपीसीबी को नोटिस जारी किया

तमिलनाडु: एनजीटी ने गैस रिसाव में दो श्रमिकों की मौत के मामले में सीपीसीबी को नोटिस जारी किया

तमिलनाडु: एनजीटी ने गैस रिसाव में दो श्रमिकों की मौत के मामले में सीपीसीबी को नोटिस जारी किया
Modified Date: July 19, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: July 19, 2026 9:29 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तमिलनाडु में 21 जून को एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव के मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) समेत अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है।

इस घटना में दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी जबकि 60 से अधिक अन्य मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

एनजीटी गैस रिसाव संबंधी एक खबर पर लिए गए स्वत: संज्ञान से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने हाल में उपलब्ध कराए गए दो जुलाई के आदेश में कहा, “समाचार 21 जून को तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले स्थित झींगा प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव से संबंधित है, जिसमें ओडिशा के दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।”

पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन का संकेत देता है।

पीठ ने कहा कि साथ ही यह पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाता है।

अधिकरण ने कहा कि अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा संबंधी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।

पीठ ने कहा, “परियोजना प्रस्तावक (समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई) के खिलाफ औद्योगिक सुरक्षा मानकों सहित कई उल्लंघन पाए गए। परिसर में उपयुक्त अलार्म प्रणाली, फायर हाइड्रेंट और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना से संबंधित फॉर्म-12 रजिस्टर नहीं मिला।”

इसने कहा कि तमिलनाडु सरकार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दे चुकी है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन के पहलुओं की जांच अभी भी आवश्यक है।

अधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के सदस्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय तथा तिरुवल्लूर के जिलाधिकारी को मामले में पक्षकार बनाया है।

मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को एनजीटी की दक्षिण क्षेत्रीय पीठ के समक्ष होगी।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में