मदुरै (तमिलनाडु), 31 अगस्त (भाषा) मदुरै जिले के उसिलमपट्टी के पास 11वीं कक्षा की छात्रा की मौत के मामले में एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उसिलमपट्टी तालुक पुलिस ने शुरुआत में 25 अगस्त को संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया था। बाद में मृतका की मां ने प्रधानाध्यापिका विमलादेवी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में धाराएं बदल दीं।
पुलिस के अनुसार, थोट्टाप्पनाइकनूर की रहने वाली किशोरी ने हाल ही में पूचीपट्टी के एक सरकारी स्कूल में दाखिला लिया था। उसने जब स्कूल जाना बंद कर दिया तो स्कूल प्रबंधन ने उसके माता-पिता से उसका स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) लेने और किसी दूसरे स्कूल में उसका दाखिला कराने को कहा।
नए स्कूल में दाखिले के लिए छात्रा अपनी मां के साथ उसिलमपट्टी के सरकारी स्कूल पहुंची। वहां बातचीत के दौरान उसकी मां प्रधानाध्यापिका के सामने हाथ जोड़कर खड़ी थीं। अपनी मां के इस तरह झुककर खड़े होने पर छात्रा ने आपत्ति जताई।
इसके बाद आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने छात्रा को डांटा-फटकारा और तत्काल दाखिला देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले वह पूचीपट्टी के स्कूल से टीसी जारी किए जाने की वजह के बारे में जानकारी लेंगी।
अगले दिन छात्रा पूचीपट्टी के स्कूल गई, वहां से अपना टीसी लिया और घर लौट आई। उसी शाम वह अपने घर में फंदे से लटकी हुई मिली।
पुलिस में दर्ज शिकायत में मां ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान प्रधानाध्यापिका द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने से आहत होकर उनकी बेटी ने यह कदम उठाया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने विमलादेवी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा