तमिलनाडु : ‘आदि अमावसई’ पर हजारों लोगों ने जलाशयों के किनारे ‘पितृ तर्पण’ किया

तमिलनाडु : ‘आदि अमावसई’ पर हजारों लोगों ने जलाशयों के किनारे ‘पितृ तर्पण’ किया

तमिलनाडु : ‘आदि अमावसई’ पर हजारों लोगों ने जलाशयों के किनारे ‘पितृ तर्पण’ किया
Modified Date: August 12, 2026 / 03:02 pm IST
Published Date: August 12, 2026 3:02 pm IST

चेन्नई, 12 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में हजारों लोगों ने बुधवार को ‘आदि अमावसई’ के मौके पर समुद्र तटों, नदियों और जलाशयों के किनारे अपने दिवंगत पूर्वजों के सम्मान में पारंपरिक अनुष्ठान ‘पितृ तर्पण’ किया।

रामेश्वरम और कन्याकुमारी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के साथ-साथ चेन्नई के तटीय इलाकों और कावेरी व थामिराबरानी नदियों के किनारों पर भी बड़ी संख्या में लोगों को अनुष्ठान करते देखा गया।

ज्योतिषियों ने कहा कि भारतीय समयानुसार मंगलवार देर रात सूर्य ग्रहण लगा था, लेकिन यह भारत में, विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई नहीं दिया, इसलिए स्थानीय लोगों पर इससे जुड़ा कोई भी धार्मिक नियम या पाबंदी लागू नहीं होता।

पर्यटन विभाग के सूत्रों ने बताया कि रामेश्वरम के ‘अग्नि तीर्थम’ समुद्र तट पर सुबह-सुबह अलग-अलग जिलों और पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं ने ‘अग्नि तीर्थम’ के पास समुद्र में डुबकी लगाई और श्री रामनाथस्वामी मंदिर के 22 पवित्र ‘तीर्थों’ में स्नान करने से पहले अपने पूर्वजों को तिल और पिंड का तर्पण किया।

परंपरा के अनुसार, तमिल महीने आदि, थाई और पुरत्तासी में पड़ने वाली अमावस्या (नये चंद्रमा) के दिन पितरों को समर्पित अनुष्ठान के लिए पवित्र माने जाते हैं। तमिल पंचांग के मुताबिक, वर्तमान में आदि (आषाढ़) महीना चल रहा है।

भाषा धीरज पारुल

पारुल


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