ताजिया जुलूस: दिल्ली पुलिस ड्रोन के जरिए रखेगी नजर

ताजिया जुलूस: दिल्ली पुलिस ड्रोन के जरिए रखेगी नजर

ताजिया जुलूस: दिल्ली पुलिस ड्रोन के जरिए रखेगी नजर
Modified Date: June 24, 2026 / 05:31 pm IST
Published Date: June 24, 2026 5:31 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को निकाले जाने वाले ताजिया जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन के जरिए नजर रखेगी और संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए तकनीक का इस्तेमाल करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली पुलिस जुलूस के दौरान एक हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात करेगी तथा मुख्यालय से सुरक्षा बलों की 20 कंपनियों की मांग की गई है।

इस्लामी केलेंडर के पहले महीने मुहर्रम के 10वें दिन ‘आशूरा’ पर देश के अलग अलग हिस्सों में इमाम हुसैन की याद में जुलूस निकाला जाता है। 680वीं ई. में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके करीबी साथियों को इराक के करबला में इसी तारीख को शहीद कर दिया गया था। इस साल शुक्रवार को ‘आशूरा’ है।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कई इलाकों में ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं, लेकिन बड़े जुलूस मुख्य रूप से उत्तर पूर्वी दिल्ली और पुरानी दिल्ली में निकाले जाते हैं।

राष्ट्रीय राजधानी का उत्तर पूर्वी दिल्ली का इलाका खासा संवेदनशील माना जाता है जिसके मद्देनजर पुलिस ने यहां व्यापक व्यवस्था की है। पुलिस ने इलाके के प्रतिष्ठित लोगों और अमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठकें भी की हैं ताकि जुलूस के दौरान कोई व्यवधान पैदा ना हो।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राहुल अलवल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इलाके में ‘आशूरा’ के जुलूस को लेकर 1100 स्थानीय पुलिस कर्मियों को तैनात करने की योजना है और पुलिस मुख्यालय से सुरक्षा बलों की 20 कंपनियों की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा भीड़ पर नजर रखने के लिए 14 ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा और आपराधिक तत्वों पर नजर रखने के लिए चेहरा पहचानने वाली तकनीक भी इस्तेमाल की जाएगी।

डीसीपी के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में बैरिकेंडिग की जाएगी और त्वरित कार्रवाई टीम ( क्यूटीआर) तथा दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस अतिरिक्त बल तैनात होंगे। साथ में स्वयंसेवक तैनात होंगे।

अलवल ने कहा कि जुलूस को सुचारू रूप से निकालने को लेकर अमन कमेटियों, भाइचारा समितियों, कैबल ऑपरेटरों और इलाके के प्रतिष्ठित लोगों के साथ थानेदार स्तर से लेकर डीसीपी स्तर तक 21 बैठकें की गई हैं।

उन्होंने कहा कि इसी के साथ नगर निकाय एजेंसियों के साथ भी बैठकें की गई है जिनमें सुरक्षा, यातायात और साफ सफाई समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।

ताजिया जुलूस आयोजित करने वाले संगठन ‘अंजुमन ताजियादरान’ के मुख्य संरक्षक परवेज़ नूर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मध्य दिल्ली में पुलिस के साथ बैठकें हुई हैं और “हमारे स्वयंसेवक हर ताजिए के साथ होते हैं।’’

उन्होंने कहा कि एक ताजिए के साथ 10 स्वयंसेवक होते हैं और तकरीबन 50-60 ताजिए होते हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार ‘आशूरा’ शुक्रवार को पड़ रहा है जिस वजह से जुलूस जुमे की नमाज़ के बाद दोपहर तीन बजे निकालेंगे।

नूर ने जुलूस के बारे में बताया कि एक तरफ से जामा मस्जिद से निकलने वाला जुलूस अजमेरी गेट आएगा और दूसरी तरफ पुल बंगश के पास बेरी वाले बाग से शुरू होने वाला जुलूस कुतुब रोड होते हुए पहाड़गंज आएगा और वहां से दोनों जुलूस इकट्ठा होकर जोर बाग स्थित स्थानीय करबला जाएंगे।

उनके मुताबिक, पुलिस के साथ भी बैठकें हुई हैं और उत्तरी दिल्ली और नयी दिल्ली में पुलिस के साथ आज बैठकें होनी हैं।

पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जुलूस के दौरान कानून बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा और संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इसके अलावा, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर पश्चिम दिल्ली में भी पुलिस ने ताजिया जुलूस को लेकर अमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठकें की हैं।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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