चंद्रयान-3 के लघु मॉडल के साथ वेंकटचलपति मंदिर पहुंची वैज्ञानिकों की टीम, की पूजा-अर्चना

Chandrayaan-3 : इसरो वैज्ञानिकों की एक टीम चंद्रयान-3 के लघु मॉडल के साथ पूजा-अर्चना करने के लिए तिरुपति वेंकटचलपति मंदिर पहुंची है।

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  • Publish Date - July 13, 2023 / 08:02 AM IST,
    Updated On - July 13, 2023 / 08:04 AM IST

आंध्र प्रदेश : Chandrayaan-3 : इसरो वैज्ञानिकों की एक टीम चंद्रयान-3 के लघु मॉडल के साथ पूजा-अर्चना करने के लिए तिरुपति वेंकटचलपति मंदिर पहुंची है। चंद्रयान-3 को कल भारतीय समयानुसार दोपहर 2:35 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा, इसरो ने घोषणा की थी।

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बिना ऑर्बिटर के लॉन्च होगा चंद्रयान-3

Chandrayaan-3 :  चंद्रयान-3 में इस बार ऑर्बिटर नहीं भेजा जा रहा है। इस बार स्वदेशी प्रोपल्शन मॉड्यूल भेज रहे हैं। यह लैंडर और रोवर को चंद्रमा की कक्षा तक लेकर जाएगा। इसके बाद यह चंद्रमा के चारों तरफ 100 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में चक्कर लगाता रहेगा। इसे ऑर्बिटर इसलिए नहीं बुलाते क्योंकि यह चंद्रमा की स्टडी नहीं करेगा। इसका वजन 2145.01 किलोग्राम होगा। जिसमें 1696.39 किलोग्राम ईंधन होगा. यानी मॉड्यूल का असली वजन 448.62 किलोग्राम है।

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भारत तक पहुंचाएगा लैंडर-रोवर से मिला संदेश

Chandrayaan-3 :  इसमें एस-बैंड ट्रांसपोंडर लगा है, जिसके इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क से सीधे संपर्क में रहेगा। यानी लैंडर-रोवर से मिला संदेश यह भारत तक पहुंचाएगा। इस मॉड्यूल की उम्र 3 से 6 महीना अनुमानित है। हो सकता है यह ज्यादा दिनों तक काम करे। साथ ही यह स्पेक्ट्रो-पोलैरीमेट्री ऑफ हैबिटेबल प्लैनेटरी अर्थ के धरती के प्रकाश किरणों की स्टडी करेगा।

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