लंबी दूरी की ट्रेन की सफाई के लिए प्रौद्योगिकी से लैस पेशेवर टीम की तैनाती होगी: वैष्णव

लंबी दूरी की ट्रेन की सफाई के लिए प्रौद्योगिकी से लैस पेशेवर टीम की तैनाती होगी: वैष्णव

लंबी दूरी की ट्रेन की सफाई के लिए प्रौद्योगिकी से लैस पेशेवर टीम की तैनाती होगी: वैष्णव
Modified Date: February 14, 2026 / 08:39 pm IST
Published Date: February 14, 2026 8:39 pm IST

नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी की ट्रेन में स्वच्छता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को एक सुधार की शुरुआत की, जिसके तहत प्रौद्योगिकी से लैस पेशेवर टीम की तैनाती की जाएगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सामान्य श्रेणी सहित सभी डिब्बों की सफाई आवश्यकतानुसार की जाएगी।

यह कार्य तैनात सेवा प्रदाताओं के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करके तथा ग्राहकों की अपेक्षाओं से बढ़कर प्रदर्शन करने वाली पेशेवर, अनुशासित और सक्रिय टीम को जोड़कर किया जाएगा।

वैष्णव ने कहा कि मौजूदा ‘क्लीन ट्रेन स्टेशन’ योजना के तहत ट्रेन की सफाई उनके मार्ग में निर्धारित स्टेशन पर की जाती है। उन्होंने कहा कि नये सुधार के तहत अब प्रशिक्षित ट्रेन में सवार कर्मियों द्वारा यात्रा के दौरान प्रत्येक घंटे के अंतराल पर या आवश्यकता अनुसार सफाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगरानी, फीडबैक और प्रदर्शन प्रबंधन प्रौद्योगिकी की सहायता से वास्तविक समय के आधार पर की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में सभी कोच, शौचालयों और बेसिन की सफाई; कचरा संग्रहण; मामूली मरम्मत कार्य करना; आवश्यकता अनुसार पानी भरवाने का समन्वय तथा सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच और जानकारी देना शामिल होगा। यह कार्य प्रशिक्षित पर्यवेक्षकों और सेवा कर्मियों द्वारा किया जाएगा।

वैष्णव ने कहा, ‘‘सफाई की आवृत्ति को व्यस्त एवं गैर व्यस्त घंटों के आधार पर विनियमित किया जाएगा तथा प्रौद्योगिकी की मदद से सफाई प्रक्रिया की निगरानी के लिए निगरानी कक्ष स्थापित किए जाएंगे।’’

उन्होंने बताया कि सुधार के क्रियान्वयन के लिए 80 ट्रेन की पहचान की गई है और अनुभव के आधार पर इसे अन्य सभी ट्रेन में भी लागू किया जाएगा।

मंत्री ने एक अन्य सुधार की भी घोषणा की, जिसके तहत रेलवे भूमि पर माल-संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेलवे की माल ढुलाई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध अतिरिक्त रेलवे भूमि पर गोदाम, ग्राइंडिंग इकाइयों एवं प्रसंस्करण और समेकन इकाइयों के विकास की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कम उपयोग में आने वाले गोदामों को ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ और सामान सुविधाओं के रूप में विकसित किया जाएगा।

भाषा अमित माधव

माधव


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