तेलंगाना: मंत्रिमंडल उप-समिति ने वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर चिंता जताई
तेलंगाना: मंत्रिमंडल उप-समिति ने वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर चिंता जताई
हैदराबाद, 21 जून (भाषा) तेलंगाना सरकार द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रभावों की जांच के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-समिति ने रविवार को इस कानून के प्रति सतर्कतापूर्ण और आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का समर्थन किया।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने यहां अपनी पहली बैठक की और अधिनियम के कई प्रावधानों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
इसमें कहा गया है कि चर्चा के दौरान समिति ने उन विभिन्न विकल्पों पर विचार किया, जिनके माध्यम से राज्य की आपत्ति को औपचारिक रूप से व्यक्त किया जा सके। समिति ने विकसित भारत- गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) ढांचे में मौजूद महत्वपूर्ण त्रुटियों और चूकों के बारे में असहमति जताई, जो एक जुलाई से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेने वाला है।
सदस्यों ने कहा कि इस कानून के कुछ प्रावधान रोजगार गारंटी कार्यक्रमों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में राज्य सरकारों की भूमिका को कमजोर कर सकते हैं, जबकि इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ भी बढ़ सकता है।
समिति ने कहा कि नए ढांचे के तहत तेलंगाना के ग्रामीण गरीबों को रोजगार के अवसरों और आजीविका सहायता तक पहुंच में नुकसान हो सकता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि तेलंगाना सरकार की प्रतिक्रिया में सहकारी संघवाद के सिद्धांतों, केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता तथा ग्रामीण आजीविका के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों पर जोर दिए जाने की संभावना है।
मंत्रिमंडल उप-समिति ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद राज्य की चिंताओं और सिफारिशों को औपचारिक रूप से केंद्र सरकार को सूचित करने को प्राथमिकता दी।
बैठक के दौरान उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिनियम से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने की कड़ी आलोचना की और इसे “दुर्भाग्यपूर्ण और अनावश्यक” बताया।
उन्होंने तेलंगाना सरकार की इस मांग को दोहराया कि केंद्र सरकार वीबी-जी राम जी अधिनियम को वापस ले और मनरेगा ढांचे को बहाल करे।
भाषा देवेंद्र नरेश
नरेश

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