तेलंगाना सरकार ने बिजली खरीद समझौतों की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया

तेलंगाना सरकार ने बिजली खरीद समझौतों की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया

तेलंगाना सरकार ने बिजली खरीद समझौतों की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया
Modified Date: May 5, 2026 / 09:33 am IST
Published Date: May 5, 2026 9:33 am IST

हैदराबाद, पांच मई (भाषा) तेलंगाना सरकार ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के कार्यकाल में हुए बिजली खरीद समझौतों में कथित अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्णय लिया है।

सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि जांच का नेतृत्व कर रहे उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने 114 पन्नों की रिपोर्ट अक्टूबर 2024 में राज्य सरकार को सौंपी थी।

उन्होंने बताया कि राज्य के महाधिवक्ता ने रिपोर्ट पर अपनी राय दे दी है।

मंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि तेलंगाना की पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार अनियमितताओं में संलिप्त थी, उसने पड़ोसी राज्यों से बिजली खरीद में सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया और बिजली संयंत्रों के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ।

रेड्डी ने कहा, “महाधिवक्ता की समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल ने सोमवार को जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया।”

रिपोर्ट को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि बिजली खरीद समझौते अंतरराज्यीय थे और भद्राद्री तथा यदद्री बिजली संयंत्रों के निर्माण में केंद्र सरकार के कुछ संगठन शामिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इस महीने के अंत तक भूमि पंजीकरण शुल्क में “उचित तरीके से वृद्धि” पर निर्णय लेगी और इस संबंध में अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यम ने कुछ सुझाव दिए हैं।

मंत्रिमंडल ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को ‘यंग इंडिया स्किल्स विश्वविद्यालय’ के दायरे में लाने का भी निर्णय लिया है।

रेड्डी ने बताया कि सरकार प्रायोगिक आधार पर उन बिजली उप-केंद्रों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगी, जहां सरकारी भूमि उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा सत्र में धान और मक्का की खरीद भी करेगी।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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