श्रीनगर में मारे गए आतंकवादी को आत्मघाती हमला करने का काम सौंपा गया था: जम्मू कश्मीर पुलिस

श्रीनगर में मारे गए आतंकवादी को आत्मघाती हमला करने का काम सौंपा गया था: जम्मू कश्मीर पुलिस

Edited By: , November 12, 2021 / 12:45 PM IST

श्रीनगर, 12 नवंबर (भाषा) श्रीनगर में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी को शहर में आत्मघाती हमला करने का काम सौंपा गया था और वह आतंकवादी संगठन मुजाहिदीन गजवत उल हिंद का सदस्य था। वहीं, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में से एक हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का जिला कमांडर है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

श्रीनगर में मारा गया आतंकवादी फरवरी 2019 में पुलवामा के लेथपोरा में हुए आत्मघाती हमले के एक आरोपी का रिश्तेदार था, जिसमें केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘ श्रीनगर में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी की पहचान पुलवामा के ख्रेव के आमिर रियाज के तौर पर हुई है, जो घोषित आंतकवादी संगठन मुजाहिदीन गजवत उल हिंद का सदस्य था। वह लेथपोरा आतंकवादी हमले के एक अरोपी का रिश्तेदार था और उसे आत्मघाती हमला करने का काम सौंपा गया था।’’

मुठभेड़ श्रीनगर के बेमिना इलाके की हमदानिया कॉलोनी इलाके में बृहस्पतिवार शाम शुरू हुई थी। मुठभेड़ स्थल से आतंकवादी का शव और एक एके राइफल तथा कुछ गोला बारूद बरामद हुआ है।

मुजाहिदीन गजवत उल हिंद ने ‘‘हमले’’ की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसके तीन सदस्यों ने ‘‘सीआरपीएफ के एक शिविर पर हमला किया।’’

इस बीच, पुलिस ने बताया कि कुलगाम हमले में मारे गए दो आतंकवादियों में से एक हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का जिला कमांडर है। पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘ मारे गए आतंकवादियों की पहचान हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के जिला कमांडर शिराज मोल्वी और यावर भट के तौर पर हुई है।’’

उन्होंने बताया कि शिराज 2016 से सक्रिय था और युवाओं को आतंकवादी संगठनों में शामिल करने में उसकी भूमिका थी। वह कई आम नागरिकों की हत्या के मामलों में भी शामिल था।

कश्मीर के आईजीपी ने कहा, ‘‘ यह (आतंकवादियों का मारा जाना) हमारे लिए एक बड़ी सफलता है।’’

कुलगाम के चावाल्गम में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद तलाश अभियान शुरू किया था, उसके बाद ही यह मुठभेड़ शुरू हुई।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा