थरूर ने नेपाल में बाढ़ पर चिंता जताई, भारत के राहत प्रयासों की सराहना की

थरूर ने नेपाल में बाढ़ पर चिंता जताई, भारत के राहत प्रयासों की सराहना की

थरूर ने नेपाल में बाढ़ पर चिंता जताई, भारत के राहत प्रयासों की सराहना की
Modified Date: August 27, 2026 / 12:57 pm IST
Published Date: August 27, 2026 12:57 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त (भाषा) नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से अनभिज्ञ कांग्रेस सांसद शशि थरूर बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। हालांकि काठमांडू पहुंचने पर उन्होंने उत्तरी नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही पर चिंता जताई।

थरूर ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं कल काठमांडू पहुंचा लेकिन मुझे पर्वतीय क्षेत्रों में हुई तबाही और भारी नुकसान के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था।’’

कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य थरूर ने बताया कि काठमांडू पहुंचने के बाद उन्हें आपदा की भयावहता का पता चला। बाढ़ में मरने वालों की संख्या 160 तक पहुंच गई है और अनुमान है कि करीब 2,000 या उससे अधिक लोग लापता हैं।

तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, ‘‘काठमांडू पहुंचने पर पता चला कि कई लोगों की जान गई है (अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है) और अनुमान है कि लगभग 2000 या उससे अधिक लोग लापता हैं।’’

उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास अचानक जबरदस्त बाढ़ आ गई जिससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई।

थरूर के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना ​​है कि वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी या फिर तिब्बत में आए भूकंप के कारण ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया होगा।

उन्होंने बताया कि बाढ़ के तेज पानी के बहाव में कम से कम 19 ऐसे पुल नष्ट हो गए जिन पर गाड़ियां चल सकती थीं, बेत्रावती-रसुवागढ़ी राजमार्ग का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया और संचालनरत आठ पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।

थरूर ने कहा, ‘‘तुरंत राहत सहायता प्रदान करने के भारत सरकार के संकल्प का मैं पूरी तरह से समर्थन करता हूं। नेपाल को हर संभव मदद की जरूरत है।’’

आपदा से प्रभावित भारतीय पर्यटकों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनमें से सौ लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए थे।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग लापता हैं, उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूं और उम्मीद है कि उन्हें जल्द बचा लिया जाएगा।’’

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ के कारण हजारों लोग लापता हो गए हैं, जिनमें लगभग 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं।

इस बाढ़ से हिमालयी देश के तीन जिलों में भारी तबाही मची है।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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