कैब चालक ने बच्ची को अगवा करने के बाद उसे कार में घुमाकर वापस छोड़ने का वादा किया था

कैब चालक ने बच्ची को अगवा करने के बाद उसे कार में घुमाकर वापस छोड़ने का वादा किया था

कैब चालक ने बच्ची को अगवा करने के बाद उसे कार में घुमाकर वापस छोड़ने का वादा किया था
Modified Date: June 24, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: June 24, 2026 10:23 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में 11-वर्षीय बच्ची को अगवा कर उसके साथ बलात्कार और हत्या करने के मामले में बुधवार को बताया कि आरोपी ने बच्ची को कार में घुमाकर वापस छोड़ने का झांसा दिया, जिस वजह से पीड़िता चुप हो गई।

जांचकर्ताओं ने बताया कि 22 जून को तड़के बच्ची महरौली में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास एक फुटपाथ पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ सो रही थी, तभी आरोपी बसु कुमार सिंह (29) ने सोते समय उसका कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उसे अपनी कार में ले गया।

पूछताछ के दौरान, सिंह ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने बच्ची को यह कहकर चुप करा दिया कि वह उसे केवल घूमाने ले जा रहा है और वापस घर छोड़ देगा।

अधिकारियों ने बताया कि चूंकि बच्ची नींद में थी, इसलिए वह दोबारा सो गई।

पुलिस ने बताया कि सिंह ने करीब 10 से 12 किलोमीटर तक गाड़ी चलाई और फतेहपुर बेरी के पास मंडी रोड पर कार की पिछली सीट पर बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। इसके बाद उसने ‘गमछे’ से उसका गला घोंट दिया और फरीदाबाद-गुरुग्राम सीमा के पास एक सुनसान वन क्षेत्र में चला गया, जहां उसने शव को पत्थरों के ढेर के नीचे फेंक दिया।

पुलिस ने बताया कि पांच सदस्यों का यह परिवार एक कतार में सो रहा था, जिसमें बच्ची बीच में थी और उसके दोनों तरफ उसकी मां, बहन, भाई और पिता थे। अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने अपनी कार फुटपाथ के ठीक बगल में खड़ी की थी और पिछला दरवाजा खुला रखा था।

जांच के अनुसार, सिंह वाहन की पिछली खिड़की से बच्ची को देख रहा था, जो खुली हुई थी।

एक अधिकारी ने बताया, ‘उसने बच्ची को सोते समय ही उठाया और पिछली सीट पर रख दिया तथा तुरंत खुद चालक की सीट पर आ गया।’

जैसे ही वाहन चलने लगा, बच्ची आंशिक रूप से नींद से उठी और अपने पिता को पुकारते हुए चिल्लाई, जिससे वे जाग गए।

पुलिस ने बताया कि उसके पिता कार के पीछे भागे और उसे रोकने के प्रयास में उसपर लाठियां भी फेंकीं, लेकिन सिंह तेजी से गाड़ी भगा ले गया।

जांचकर्ताओं ने कहा कि सिंह शव को फेंकने के बाद गुरुग्राम के चक्करपुर में अपने किराये के आवास पर लौटा, अपने कपड़े बदले और कुछ ही घंटों के भीतर फिर से कैब चलाने निकल गया।

शुरुआत में जांच में बाधाएं आईं, क्योंकि बच्ची के पिता को केवल यह याद था कि वाहन पर पीली नंबर प्लेट थी। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह पहला सुराग था। इससे संकेत मिला कि वाहन व्यावसायिक है।’

इसके बाद पुलिस ने आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिससे अपहरण की पुष्टि हुई और कई कैमरों के माध्यम से मार्ग का पता लगाया, जो अंततः उन्हें मंडी रोड और बाद में आरोपी तक ले गया।

बिहार के खगड़िया का रहने वाला सिंह पिछले पांच साल से अधिक समय से दिल्ली में रह रहा है। उसने 2023 में कैब चलाने का काम शुरू किया। इससे पहले वह सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।

पुलिस ने पाया है कि बिहार में उसके खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो हत्या के प्रयास के मामले शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस तीन प्रमुख कैब सेवा प्रदाता कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछेगी कि आपराधिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद आरोपी उनसे कैसे जुड़ा।

भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरोपी ने पुलिसकर्मी की कथित रूप से बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद फतेहपुर बेरी थाने में उसके खिलाफ एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में की गई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी है।

पुलिस ने कहा कि जल्द से जल्द आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश


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