मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक संदेश अपनाने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक संदेश अपनाने का आग्रह किया
जयपुर, 12 जनवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर युवाओं से उनके प्रेरणादायक संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ को अपनाने का आग्रह किया।
सवाई मान सिंह स्टेडियम में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं। उनके “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’’ के संदेश को युवा आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने भीतर की शक्ति और क्षमता को पहचानें और अपने सपनों को पूरा करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों को छूएं।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। युवाओं से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने और सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए अपनी आंतरिक शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के निर्माण के विजन के अनुरूप युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचितों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई पहलों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार पांच साल में चार लाख सरकारी भर्ती और निजी क्षेत्र में छह लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
शर्मा ने सरकारी कॉलेजों में नए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ व्यावसायिक और उद्योग आधारित शिक्षा प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ जैसी प्रमुख पहलों के बारे में भी बात की जिसने समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से स्थानीय रोजगार के अवसरों को सुगम बनाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 144 ‘कैम्पस प्लेसमेंट’ शिविर आयोजित कर करीब 30 हजार युवाओं का चयन और करीब 10 हजार युवाओं को करियर के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप लॉन्चपैड भी स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं को नए स्टार्टअप शुरू करने और अपनी नवाचार क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही एक साल में 900 से ज्यादा स्टार्टअप्स भी पंजीकृत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों में 30 प्रतिशत सीट छात्राओं के लिए आरक्षित करने के साथ लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों का शुल्क माफ करके हम समावेशी विकास की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं।
भाषा कुंज नोमान संतोष
संतोष

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