कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद कंवरलाल मीणा को विधानसभा हेतु अयोग्य ठहराने की मांग की

कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद कंवरलाल मीणा को विधानसभा हेतु अयोग्य ठहराने की मांग की

कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद कंवरलाल मीणा को विधानसभा हेतु अयोग्य ठहराने की मांग की
Modified Date: May 2, 2025 / 10:44 pm IST
Published Date: May 2, 2025 10:44 pm IST

जयपुर, दो मई (भाषा) कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अंता के विधायक कंवर लाल मीणा के कारावास की सजा को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा यथावत रखने पर उनकी विधानसभा की सदस्यता निरस्त करने की मांग की है।

झालावाड़ की अकलेरा एडीजे (अतिरिक्त सत्र जिला न्यायाधीश) अदालत ने 14 दिसंबर 2020 को 20 साल पुराने मामले में कंवरलाल को सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी।

मीणा को निचली अदालत ने मामले में बरी कर दिया था। लेकिन झालावाड़ की सत्र अदालत ने इस फैसला पलटते हुए कंवरलाल मीणा को दोषी करार दिया था। आज उच्च न्यायालय ने उनकी निगरानी याचिका खारिज कर सत्र अदालत द्वारा सुनायी गयी सजा को बरकरार रखा।

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डोटासरा और जूली ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि नियमानुसार दो वर्ष से अधिक कारावास की सजायाफ्ता व्यक्ति विधानसभा की सदस्यता के योग्य नहीं होता है जिस कारण अंता निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा की सदस्यता को अविलंब निरस्त किया जाए।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने एक बयान में बताया कि एडीजे (झालावाड़) द्वारा सुनायी गयी तीन वर्ष के कारावास की सजा शुक्रवार को राजस्थान उच्च न्यायालय ने यथावत रखा है।

कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि उच्च न्यायालय के फैसले के पश्चात अंता विधायक मीणा विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य हो गए हैं, जिस कारण उनकी सदस्यता अविलंब निरस्त करने का आदेश पारित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मीणा की विधानसभा सदस्यता को अविलंब निरस्त किया जाए।

भाषा कुंज

राजकुमार

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