बेअदबी रोधी कानून के तहत पंजाब में पहला मामला श्री मुक्तसर साहिब में दर्ज किया गया

बेअदबी रोधी कानून के तहत पंजाब में पहला मामला श्री मुक्तसर साहिब में दर्ज किया गया

बेअदबी रोधी कानून के तहत पंजाब में पहला मामला श्री मुक्तसर साहिब में दर्ज किया गया
Modified Date: May 2, 2026 / 02:06 pm IST
Published Date: May 2, 2026 2:06 pm IST

चंडीगढ़, दो मई (भाषा) पंजाब पुलिस ने श्री मुक्तसर साहिब जिले की एक झुग्गी बस्ती में एक धार्मिक ग्रंथ के फटे पन्ने मिलने के बाद नए बेअदबी-रोधी कानून के तहत पहला मामला दर्ज किया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि श्री मुक्तसर साहिब के मलोट स्थित कुचियां मोहल्ला में ‘सुखमनी साहिब गुटका’ के फटे पन्ने मिलने की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार रात मामला दर्ज किया गया।

पुलिस उपाधीक्षक हरजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने बताया कि गुटका साहिब के पन्ने गुरुद्वारे को सौंप दिए गए हैं।

प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 की धारा पांच के तहत दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत किसी धर्म या धार्मिक आस्थाओं का अपमान कर किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर किए गए दुर्भावनापूर्ण कृत्य अपराध होते हैं।

पंजाब सरकार ने बेअदबी-रोधी कानून ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को पिछले महीने अधिसूचित किया था। इसमें सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने सहित कड़ी सजा का प्रावधान है।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता बनाए रखने के लिए जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में संशोधन के उद्देश्य से 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था।

कानून के अनुसार, बेअदबी करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम सात साल की कैद की सजा होगी जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उस पर दो लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।

वहीं, कानून के अनुसार, शांति या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से आपराधिक साजिश के तहत बेअदबी करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 साल की कैद की सजा होगी जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ उस पर पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव


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