Cell Broadcast System India : इमरजेंसी अलर्ट तो आएगा, लेकिन इन फोन्स पर नहीं! कहीं आपका फोन भी तो इस नो-अलर्ट लिस्ट में शामिल नहीं?

Cell Broadcast System एक उन्नत आपदा चेतावनी तकनीक है जो पूरे क्षेत्र के मोबाइल यूजर्स को तुरंत अलर्ट भेज सकती है। यह तेज और प्रभावी सिस्टम आपदा प्रबंधन को मजबूत करेगा, हालांकि इसकी सीमाएं जैसे नेटवर्क और फोन की स्थिति, इसकी पहुंच को प्रभावित कर सकती हैं।

Cell Broadcast System India : इमरजेंसी अलर्ट तो आएगा, लेकिन इन फोन्स पर नहीं! कहीं आपका फोन भी तो इस नो-अलर्ट लिस्ट में शामिल नहीं?

Cell Broadcast System India / Image Source : SCREENSHOT

Modified Date: May 2, 2026 / 03:20 pm IST
Published Date: May 2, 2026 3:18 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भारत में ‘Cell Broadcast System’ का ट्रायल शुरू, सीधे मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट मिलेगा
  • भूकंप, बाढ़ और आपदा की स्थिति में बिना इंटरनेट और ऐप के चेतावनी भेजी जाएगी
  • सिस्टम नेटवर्क टावर से काम करेगा, लेकिन फोन ऑफ/एयरप्लेन मोड में अलर्ट नहीं पहुंचेगा

नई दिल्ली : Cell Broadcast System India सरकार देशभर में ‘सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम’ (Cell Broadcast System) का परीक्षण कर रही है, जो भविष्य में एक महत्वपूर्ण इमरजेंसी अलर्ट सेवा बनने जा रही है। यह सिस्टम भूकंप, बाढ़, चक्रवात या किसी भी सुरक्षा खतरे की स्थिति में सीधे आपके फोन पर तेज आवाज के साथ चेतावनी भेजने का काम करेगा। यह सामान्य SMS से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसे पाने के लिए न तो इंटरनेट की जरूरत होगी और न ही किसी अलग मोबाइल ऐप की।

ऐसे में नहीं पहुंचे ये अलर्ट

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सीधे मोबाइल टावर से पूरे इलाके में प्रसारित होती है, जिससे यह कमजोर नेटवर्क में भी काम कर सकती है। Government Emergency Alert यह एरिया पर आधारित है, जिसका मतलब है कि यदि फोन ऑन है और नेटवर्क सिग्नल पकड़ रहा है, तो बिना सिम वाले फोन पर भी अलर्ट फ्लैश हो सकता है। हालांकि, इसकी कुछ सीमाएं भी हैं यदि फोन पूरी तरह स्विच ऑफ है, बैटरी खत्म है, एयरप्लेन मोड पर है या आप उस इलाके में हैं जहां बिल्कुल भी नेटवर्क सिग्नल (No Service) नहीं है, तो यह अलर्ट आप तक नहीं पहुंचेगा।

विष्य में लोगों की जान बचाने में निभाएगी

सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम आपदा प्रबंधन के लिए डिजिटल लाउडस्पीकर साबित होगा। यह तेज और असरदार तकनीक भविष्य में लोगों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। हालांकि, यह पूरी तरह फूलप्रूफ नहीं है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली और सीमाओं को समझना सभी नागरिकों के लिए जरूरी है ताकि आपात स्थिति में इसका पूरा लाभ उठाया जा सके।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..