रेत में शव पाए जाने के मामले में पुलिस ने मृतक के एक रिश्तेदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया

रेत में शव पाए जाने के मामले में पुलिस ने मृतक के एक रिश्तेदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया

रेत में शव पाए जाने के मामले में पुलिस ने मृतक के एक रिश्तेदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया
Modified Date: May 11, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: May 11, 2026 7:28 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शाहदरा में एक निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल पर रखे रेत से 35 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर का सड़ा गला शव मिलने के मामले में उसके रिश्तेदार समेत दो लोगों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आरोपियों की पहचान मृतक के रिश्तेदार आकाश राय और उसके साथी मान सिंह राय के रूप में हुई है जो पास की अन्य निर्माणाधीन इमारत में चौकीदार था और उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उनके मुताबिक, आरोपियों ने नशे की हालत में मामूली बात पर पीड़ित रामसेवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके शव को निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल पर रखे रेत में दबा दिया।

मृतक की पहचान मध्य प्रदेश में टीकमगढ़ जिले के राम सेवक के रूप में हुई जो निर्माण स्थलों पर दिहाड़ी मजदूरी करता था। वह चार बच्चों का पिता था।

पुलिस के अनुसार, हत्या की यह वारदात छह मई को तब सामने आई जब नवीन शाहदरा इलाके में निर्माणाधीन इमारत से दुर्गंध आने की सूचना मिली।

पुलिस की एक टीम शाम करीब छह बजे मौके पर पहुंची और उसे इमारत की चौथी मंजिल पर मौजूद रेत के ढेर के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित का चेहरा बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे उसकी शिनाख्त करना मुश्किल हो गया था। घटनास्थल का मुआयना करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए अपराध विभाग और फोरेंसिक विभाग की टीमों को बुलाया गया, जबकि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया गया।

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा, ‘‘पुलिस टीम ने इलाके में लगे लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मृतक की पहचान करने और संभावित संदिग्धों का पता लगाने के लिए स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई।’’

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के दौरान, पास में ही बन रही एक अन्य इमारत में चौकीदार के रूप में काम कर रहे आकाश और रानू पर संदेह हुआ।

डीसीपी ने बताया, ‘दोनों को दो मई की रात राम सेवक के साथ देखा गया था और बताया गया कि उनके बीच तीखी बहस हुई थी।’

जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों संदिग्ध चार मई को मध्य प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव जाने के बहाने अचानक दिल्ली से चले गए और तब से उनके मोबाइल फोन बंद थे। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर, पुलिस टीमों ने टीकमगढ़ में छापेमारी की और अंततः दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी ने दावा किया, ‘‘पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात कबूल की और बताया कि राम सेवक आकाश का रिश्तेदार था। आरोपी ने बताया कि दो मई को तीनों ने साथ में शराब पी थी, तभी एक मामूली बात पर झगड़ा शुरू हो गया। झगड़े के दौरान, पीड़ित ने कथित तौर पर दोनों को गाली दी और रानू के सिर पर ईंट से वार किया।’

पुलिस ने बताया कि हमले से क्रोधित होकर आकाश और रानू ने कथित तौर पर राम सेवक पर रसोई में पड़े बर्तनों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

अधिकारी ने बताया कि इन दोनों इमारतों की छतें आपस में जुड़ी हुई थी और सबूत नष्ट करने के इरादे से आरोपी शव को कथित रूप से एक इमारत से दूसरी इमारत की चौथी मंजिल पर ले गए और वहां पड़ी रेत के ढेर के नीचे उसे दबा दिया।

भाषा नोमान

नोमान संतोष

संतोष


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