सुस्त विकास दर को चालाकी से ‘हिंदू’ से जोड़ा गया; इसका नाम ‘कांग्रेस विकास दर’ होना चाहिए था: मोदी
सुस्त विकास दर को चालाकी से 'हिंदू' से जोड़ा गया; इसका नाम 'कांग्रेस विकास दर' होना चाहिए था: मोदी
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके शासनकाल में सुस्त विकास दर को चतुराई से ‘हिंदू विकास दर’ कहा गया था, जबकि कुशासन के कारण इसका नाम ‘कांग्रेस विकास दर’ होना चाहिए था।
मोदी ने कहा कि 2014 से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के 12 वर्षों की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि देश को कांग्रेस के ‘दुष्चक्र’ से मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने राजनीतिक स्थिरता और निर्णायक शासन के महत्व को समझ लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का कीर्तिमान बनाने के अवसर पर राजग की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सुस्त विकास दर को ‘हिंदू विकास दर’ कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यशैली, जिम्मेदारी और विफलता सभी कांग्रेस की थीं, लेकिन उसका कलंक देश की विशाल हिंदू आबादी पर डाल दिया गया था।
मोदी ने अपने 37 मिनट के भाषण में कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं है, बल्कि यह देश के हर व्यक्ति का संकल्प बन गया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अपने शासनकाल में उस पार्टी ने देश को ‘‘लाचारी, दरिद्रता और हीनता की भावना’’ की गर्त में धकेल दिया था।
मोदी ने कहा, ‘‘देश को यह मानने के लिए मजबूर कर दिया गया था कि भारत में विकास अनिवार्य रूप से धीमी गति से ही होता है और यहां तीव्र विकास संभव ही नहीं है। बड़ी चतुराई से इस धीमी विकास दर को ‘हिंदू विकास दर’ कहा गया, जबकि कार्यशैली, जिम्मेदारी और विफलता सभी कांग्रेस की थीं, लेकिन उसका कलंक देश की विशाल हिंदू आबादी पर डाल दिया गया था।’’
मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ही राजग सरकार पहली बार सत्ता में आई थी और तभी देश को तेज विकास की एक झलक देखने को मिली थी।
उन्होंने 2004 से 2014 तक कांग्रेस-नीत संप्रग सरकार का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, 2004 में देश एक बार फिर अस्थिरता के चक्र में फंस गया था।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को कई करोड़ों रुपये के घोटालों में धकेल दिया।
मोदी ने कहा, ‘‘वर्ष 2014 में राजग सरकार के गठन के साथ ही देश की दिशा एक बार फिर बदल गई। जब इच्छाशक्ति, नीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया एक साथ समन्वय में काम करती हैं, तो देश ने विकास की गति देखी।’’
उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि जो कार्य पहले दशकों में पूरे होते थे, वे अब केवल कुछ महीनों में पूरे किए जाने लगे।
मोदी ने कहा, ‘‘वर्ष 2014 में 74 हवाई अड्डों से बढ़कर 2026 तक 160 से अधिक हवाई अड्डे; 2014 में 1,000 किलोमीटर एक्सप्रेसवे से बढ़कर 2026 तक 6,700 किलोमीटर; 2014 में केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवाओं से बढ़कर 2026 तक 20 से अधिक शहरों में ये सेवाएं; और 2014 में 700 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के आंकड़े बढ़कर 2026 में 23,000 करोड़ रुपये तक पहुंचते हुए, देश ने एक लंबी यात्रा तय की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 में देश में केवल 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे; आज 100 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इंटरनेट से जुड़े हैं। वर्ष 2014 में डिजिटल भुगतान लगभग नगण्य थे; आज भारत डिजिटल लेनदेन में पहले स्थान पर है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘मेरे लिए, लोग ही ईश्वर का रूप हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश के लोगों ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक स्थिरता का महत्व समझ लिया है। यह उनकी परिपक्वता ही है कि उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक उनकी सेवा करने का मौका दिया।’’
उन्होंने कहा,‘‘वर्ष 2014 से पहले के कई दशक अस्थिरता और उथल-पुथल से भरे थे, लेकिन अब लोग एक स्थिर सरकार का काम देख रहे हैं और उसके निर्णायक फैसलों की सराहना कर रहे हैं।’’
मोदी ने कहा, ‘‘जब 2014 में राजग की जीत हुई थी, तो मैंने कहा था कि आज आम आदमी के लिए उम्मीद की एक नयी किरण जगी है। कांग्रेस के धोखे के बाद लोगों ने हमपर भरोसा जताया। राजग परिवार के तौर पर हमने लोगों के उस भरोसे को और मजबूत किया है।’’
भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक सेवा करने का कीर्तिमान बनाने पर मोदी को दुनिया भर के नेताओं से बधाई संदेश मिले। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खड़े होकर सम्मान दिया गया और देश भर में भाजपा नेताओं ने पूजा-आरती की।
बुधवार को मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो 4,398 दिनों तक इस पद पर रहे थे।
भाषा
देवेंद्र सुरेश
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