बेदाग शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग करते हुए शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा
बेदाग शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग करते हुए शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा
कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल बेदाग अध्यापक संघ (डब्ल्यूबीयूटीए) ने बुधवार को यहां साल्ट लेक में राज्य शिक्षा मुख्यालय के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति करने की मांग की।
डब्ल्यूबीयूटीए के प्रवक्ता मृण्मय मंडल ने बताया कि प्रदर्शनकारी पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे यहां करुणामयी बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए और उन्होंने विकास भवन की ओर कूच किया।
मंडल ने कहा कि इस संगठन की मांगों में 11वीं और 12वीं कक्षाओं के सफल उम्मीदवारों के लिए ‘काउंसलिंग’ को यथाशीघ्र पूरा किया जाना और नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शामिल है।
मंडल ने कहा, ‘‘ नौवीं और 10वी कक्षाओं के लिए व्यक्तित्व परीक्षण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जानी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक योग्य शिक्षकों को उनके संबंधित पदों पर पूरे वेतन के साथ बनाए रखा जाना चाहिए।’’
संघ ने पुलिस और चिकित्सकीय सत्यापन में लगने वाले समय को कम करने और प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है। संघ ने रिक्तियों के गलत विवरण से उत्पन्न समस्याओं का स्थायी समाधान करने की भी मांग की है।
डब्ल्यूबीयूटीए ने खाली पदों को भरने के लिए, संबंधित गजट के तहत तय राउंड की अधिकतम संख्या के भीतर प्रतीक्षा सूची में शामिल सभी योग्य उम्मीदवारों की ‘काउंसलिंग’ कराने की मांग की है।
डब्ल्यूबीयूटीए में 2016 की एसएससी भर्ती प्रक्रिया के 12,000 से अधिक ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्हें बेदाग माना गया है। इनकी नियुक्तियां उन 26,000 अभ्यर्थियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्तियां तीन अप्रैल 2026 को उच्चतम न्यायालय आदेश के बाद रद्द कर दी गई थीं।
संघ ने यह भी मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कानूनी अड़चनों और नियुक्तियों के खिलाफ कथित साजिशों से निपटने के लिए सक्षम वकीलों की नियुक्ति की जाए।
मंडल ने कहा,‘‘हमारा मकसद यह पक्का करना है कि शिक्षक बनने के इच्छुक लोगों की जायज़ मांगें आम जनता तक पहुंचें। हम मीडिया से अपील करते हैं कि वह इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम को कवर करे और योग्य उम्मीदवारों की समस्याओं को उजागर करे।’
भाषा राजकुमार पवनेश
पवनेश

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