केरल में पत्रकारों के संघ ने संवाददाता पर की गई टिप्पणियों को लेकर नटेसन की आलोचना की
केरल में पत्रकारों के संघ ने संवाददाता पर की गई टिप्पणियों को लेकर नटेसन की आलोचना की
तिरुवनंतपुरम, दो दिसंबर (भाषा) केरल में पत्रकारों के एक संघ ने शिवगिरी में एक कार्यक्रम के बाद हुई झड़प के कुछ दिनों बाद एक टीवी रिपोर्टर को चरमपंथी बताने वाले एक प्रमुख सामाजिक संगठन के नेता की आलोचना की है।
‘केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (केयूडब्ल्यूजे) ने यह बयान एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन द्वारा शुक्रवार को अलप्पुझा में एक संवाददाता सम्मेलन में की गई टिप्पणियों के बाद जारी किया।
यह विवाद बुधवार को तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार ने मलप्पुरम जिले पर नटेसन की टिप्पणियों के बारे में उनसे सवाल किया। टेलीविजन फुटेज में नटेसन गुस्से में प्रतिक्रिया देते और पत्रकार का माइक्रोफोन एक तरफ धकेलते हुए उसे दूर हटने के लिए कहते दिखायी दे रहे हैं।
अलप्पुझा स्थित अपने आवास पर शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में नटेसन ने कहा कि पत्रकार एक चरमपंथी और मुसलमानों का प्रवक्ता था।
एसएनडीपी नेता ने दावा किया कि रिपोर्टर एमएसएफ का नेता था और उनके पास उसके बारे में पहले से जानकारी थी।
नटेसन ने शिवगिरी में किए गए अपने व्यवहार का बचाव करते हुए कहा कि पत्रकार ने उनसे अनादरपूर्ण तरीके से बात की थी।
इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए केयूडब्ल्यूजे ने कहा कि एक पत्रकार को चरमपंथी करार देना और सवालों को दबाने का प्रयास करना एक लोकतांत्रिक समाज में ‘अस्वीकार्य’ है।
संघ ने कहा कि पत्रकार जनता की ओर से सवाल उठाते हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को मीडिया से व्यवहार करते समय संयम बरतना चाहिए।
राज्य अध्यक्ष के पी रेजी और महासचिव सुरेश एडप्पल द्वारा हस्ताक्षरित अपने बयान में केयूडब्ल्यूजे ने कहा, ‘यह धारणा कि मीडिया को चुपचाप सुनना चाहिए और बिना सवाल पूछे चले जाना चाहिए, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।’
संघ ने चेतावनी दी कि इस तरह के बार-बार होने वाले आचरण से केरल के सामाजिक वातावरण और प्रेस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंच सकता है।
इससे पहले पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए नटेसन ने कहा कि उनके पास अपने दावे का समर्थन करने के लिए जानकारी है और उन्होंने बार-बार पूछे जाने वाले सवालों पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने पत्रकारों से उन्हें और उकसाने से बचने का आग्रह किया और कहा कि उनकी प्रतिक्रिया उचित थी।
भाषा
शुभम मनीषा
मनीषा

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