आरजीसीबी के नये परिसर का नाम संघ विचारक के नाम पर रखने में कुछ गलत नहीं :मुरलीधरन

आरजीसीबी के नये परिसर का नाम संघ विचारक के नाम पर रखने में कुछ गलत नहीं :मुरलीधरन

आरजीसीबी के नये परिसर का नाम संघ विचारक के नाम पर रखने में कुछ गलत नहीं :मुरलीधरन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: December 6, 2020 12:01 pm IST

तिरुवनंतपुरम, छह दिसंबर (भाषा) यहां राजीव गांधी जैवप्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीसीबी) के दूसरे परिसर का नामकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिवंगत विचारक एम एस गोलवलकर के नाम पर करने के केंद्र सरकार के फैसले पर उठे विवाद पर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि किसी देशभक्त के नाम पर संस्था के नामकरण में कुछ गलत नहीं है।

जब संवाददाताओं ने केंद्रीय मंत्री से केंद्र के फैसले से उठे विवाद के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘‘किसी संस्था का नाम किसी देशभक्त के नाम पर रखने में क्या गलत है?’’

उन्होंने कहा कि गोलवलकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में जंतुविज्ञान के प्रोफेसर थे। मुरलीधरन ने पूछा कि प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ का नाम पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर क्यों रखा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या नेहरू ने कभी किसी खेल स्पर्धा में भाग लिया था?’’

मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि गोलवलकर का नाम किस आधार पर अस्वीकार्य हो गया।

उन्होंने कासरगोड में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘आरजीसीबी की संचालन परिषद ने यह फैसला किया और किसी की इसमें कोई भूमिका नहीं है।’’

भाकपा नेता पन्नियन रवींद्रन ने कहा कि केरल केंद्र के इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को आरजीसीबी के दूसरे परिसर का नाम ‘श्री गुरुजी माधव सदाशिव गोलवलकर राष्ट्रीय कैंसर और वायरल संक्रमण केंद्र’ रखे जाने की घोषणा की थी।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस बारे में पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

भाषा वैभव उमा

उमा


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