पुराने कृत्यों के लिए शाह के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ होना चाहिए: ममता बनर्जी
पुराने कृत्यों के लिए शाह के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ होना चाहिए: ममता बनर्जी
(फोटो के साथ)
पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), 29 मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक ‘आरोपपत्र’ जारी किए जाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि खुद शाह के खिलाफ उनके ‘‘पुराने कृत्यों’’ के लिए ‘‘आरोपपत्र’’ दाखिल होना चाहिए।
बनर्जी ने यह भी दावा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आती है तो वह महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना बंद कर देगी।
बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें पैर में लगी चोट के संबंध में शाह की कथित टिप्पणी पर भी कड़ा एतराज जताया।
एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक ‘‘आरोपपत्र’’ जारी करते हुए शाह ने सत्तारूढ़ पार्टी की अध्यक्ष पर ‘‘हमेशा पीड़ित कार्ड की राजनीति करने’’ का आरोप लगाया था।
शाह ने कहा था, ‘‘कभी वह अपनी चोट के बारे में बात करती हैं; कभी वह निर्वाचन आयोग को गाली देती हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल के लोग अब उनकी ‘पीड़ित कार्ड’ वाली राजनीति को अच्छी तरह समझ चुके हैं।’’
पुरुलिया जिले के मानबाजार में अपनी पार्टी की उम्मीदवार संध्या रानी टुडू के लिए प्रचार करते हुए रविवार को बनर्जी ने कहा, ‘‘वे कह रहे हैं कि मैं चुनाव के दौरान पट्टी बांधकर घूमती हूं। मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटी हूं। जाकर डॉक्टर की रिपोर्ट देख लीजिए।’’
उन्होंने भाजपा पर अपना हमला तेज करते हुए कहा, ‘‘क्या आपने 2021 के चुनावों के दौरान जानबूझकर मेरे पैर में चोट पहुंचाई थी? मैंने व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार किया था। क्या आप मुझे जान से मारने की साजिश रच रहे हैं?’’ हालांकि, बनर्जी ने आरोप लगाते समय शाह का नाम नहीं लिया।
शाह द्वारा उनकी सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ के बारे में बनर्जी ने कहा, ‘‘कल दिल्ली से एक बड़े नेता आए और उन्होंने तृणमूल के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया।’’
बनर्जी ने शाह के खिलाफ लगे कई पुराने आरोपों को गिनाते हुए कहा, ‘‘आप कौन होते हैं आरोप पत्र जारी करने वाले? आपके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होना चाहिए।’’
उन्होंने पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध प्रवासियों पर की गई कार्रवाई के तहत अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जब गुजरातियों को कमर में रस्सी बांधकर अमेरिका से वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे?’’
निर्वासित किए गए कई लोगों ने दावा किया था कि अमेरिका से वापस भेजे जाने के दौरान उनके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और भारत में उतरने के बाद ही उनकी हथकड़ी खोली गई थी।
उन्होंने बंगाल में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संबंध में भाजपा के दावों को भी झूठ बताया।
बनर्जी ने शाह और भाजपा पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों के बूथ में दोबारा चुनाव कराने की साजिश रची जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली की साजिश को नाकाम कर दूंगी। मुझे सत्ता नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि लोग मेरे साथ हों।’’
मानबाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए, उन्होंने अपनी सरकार की कल्याणकारी पहल को गिनाया। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो वह महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना को बंद कर देगी और लोगों की खान-पान संबंधी पसंद पर प्रतिबंध लगा देगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा शासित राज्यों में मछली नहीं खाई जाती। अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो लोग मछली, मांस और अंडा नहीं खा पाएंगे। वे ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना बंद कर देंगे।’’
तृणमूल प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करती।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों पर हमले होते हैं और केंद्र में सत्ताधारी दल ‘दंगों को भड़काकर’ सत्ता हथियाता है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले विशेष पुनरीक्षण योजना (एसआईआर) के जरिये 1.2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
बाद में, बांकुड़ा जिले के रायपुर में एक रैली में उन्होंने राज्य सरकार की विकास पहल पर प्रकाश डाला और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
भाषा आशीष नरेश
नरेश

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